जौनपुर में अवैध वसूली मामले में निलंबित थानाध्यक्ष ने किया सरेंडर
जौनपुर, 28 सितंबर (हि. स.)। यूपी के जौनपुर में निरपराध लोगों को हिरासत में लेकर अवैध रूप से धन वसूली करने के आरोप में फरार चल रहे सुरेरी के निलंबित थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह ने सोमवार को जौनपुर दीवानी न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। वह एसीजेएम तृतीय की अदालत में पेश हुए। न्यायालय ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। दिव्य प्रकाश सिंह पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।अधिवक्ता शुभम सिंह ने बताया कि सुरेरी थाने में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 416/2026 में दिव्य प्रकाश सिंह का नाम आरोपित के रूप में आया है। सोमवार को उन्होंने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया। उनकी ओर से जमानत अर्जी दाखिल की गई थी, जिसे एसीजेएम तृतीय की अदालत ने खारिज कर दिया। अब जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की जाएगी।अधिवक्ता ने कहा कि उनके मुवक्किल ने किसी प्रकार की अवैध वसूली नहीं की है। उनके खाते में पीड़ितों की ओर से कोई धनराशि ट्रांसफर नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पुलिस के पास उनके खिलाफ प्रत्यक्ष साक्ष्य भी नहीं है। आरोप है कि सुरेरी थानाध्यक्ष रहते हुए कुछ लोगों को हिरासत में लेकर अवैध रूप से धन की वसूली की गई थी।दिव्य प्रकाश सिंह का कहना है कि उनके संज्ञान में ऐसा कोई कृत्य नहीं था। उनके मुताबिक, उनके गैरमौजूदगी में जो कुछ हुआ, उसके लिए संबंधित लोग स्वयं जिम्मेदार हैं। उन्होंने पुलिस पर उन्हें जबरन मुकदमे में वांछित बनाने का आरोप लगाया है। इधर, मामले में फरार चल रहे दो अन्य आरोपित राज नारायण गिरि और राजेंद्र दुबे की तलाश में पुलिस की छह टीमें लगी हैं। शनिवार को पुलिस टीमों ने लखनऊ और भदोही में भी दबिश दी थी। सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने दोनों आरोपितों की दो-तीन दिन में गिरफ्तारी का दावा किया था।
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव

