सगुण-निर्गुण भक्ति के संगम से सराबोर हुआ सुमेरपुर
हमीरपुर, 14 सितम्बर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले मे कस्बा सुमेरपुर का ऐतिहासिक एवं पारंपरिक तीजा मेला वर्तमान में आस्था, लोकसंस्कृति और सगुण-निर्गुण भक्ति के अद्भुत संगम का केंद्र बना हुआ है। मेले के पावन अवसर पर समूचा नगर भक्ति भावना में सराबोर है। एक तरफ जहां धार्मिक मान्यताओं और राष्ट्रीय चेतना को दर्शाती भव्य शोभायात्रा आकर्षण का केंद्र बनी रही, वहीं दूसरी तरफ संत कबीर के निर्गुण ब्रह्म की गूंज श्रद्धालुओं को अध्यात्म की गहराई का अहसास करा रही है।
मेले के दौरान नगर में सगुण भक्ति का उल्लास चरम पर दिखा। गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों के साथ निकाली गई भव्य शोभायात्रा में भगवान के विभिन्न स्वरूपों के साथ-साथ देश के महान महापुरुषों एवं अमर राष्ट्रनायकों की मनमोहक झांकियां सजाई गईं। इन जीवंत झांकियों को देखने के लिए सड़कों के दोनों ओर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिन्होंने पुष्पवर्षा कर यात्रा का भव्य स्वागत किया। सगुण भक्ति के इस उत्सव के बीच, पशु बाजार के समीप स्थित त्रिवेणी मैदान में निर्गुण परमात्मा की साधना की अलख जग रही है। यहां 48 घंटे का अनवरत अखंड कबीरी भजनश् संकीर्तन आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में समूचे बुंदेलखंड बांदा सुमेरपुर हमीरपुर जालौन उरई, महोबा छतरपुर, झांसी ललितपुर कानपुर फतेहपुर चित्रकूट, मौदहा राठ आदि स्थानों से आए ख्यातिलब्ध भजन गायकों और लोक कलाकारों का जमावड़ा लगा हुआ है। अपनी सुरम्य और भावपूर्ण प्रस्तुतियों के माध्यम से कलाकार कबीर साहिब की साखियों, पदों और गूढ़ आध्यात्मिक दर्शन को जन-जन तक पहुंचा रहे हैं। दिन-रात अनवरत चल रहे इस भजन प्रवाह ने श्रोताओं को पूरी तरह मंत्रमुग्ध और भाव-विभोर कर दिया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज मिश्रा

