नई तकनीकों से जुड़कर ही विद्यार्थी भविष्य की चुनौतियों के लिए होंगे तैयार : तनुजा भट्ट
कानपुर, 09 मार्च (हि.स.)। आज के समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिक्षा और शोध के क्षेत्र में तेजी से अपनी भूमिका बढ़ा रही है। विद्यार्थियों को नई तकनीकों से जोड़ना और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना समय की आवश्यकता है। यह बातें सोमवार को शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. तनुजा भट्ट ने कहीं।
छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू ) के शिक्षा विभाग में सोमवार को कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित इनोवेशन वर्कशॉप का उद्घाटन किया गया। “द एआई एनहैंस्ड एजुकेटर” थीम पर आयोजित इस वर्कशॉप का आयोजन शिक्षा विभाग और अकैडलर्न संस्था के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. तनुजा भट्ट ने कहा कि विभाग विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार नए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। आधुनिक समय की जरूरतों को देखते हुए एआई जैसे क्षेत्रों में विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देना बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम में एआई प्रज्ञा मिशन की विश्वविद्यालय नोडल अधिकारी डॉ. अंशु सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय की ओर से डेटा साइंस, मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े कई प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। उनका उद्देश्य विद्यार्थियों को एआई के उपयोग के साथ-साथ नई तकनीकों के विकास में भी सक्षम बनाना है।
अकैडलर्न संस्था के संस्थापक अच्युत सिंह ने संस्था की गतिविधियों की जानकारी दी। वहीं अतिथि वक्ता ईशान सिंह ने विद्यार्थियों को एआई की मूल अवधारणाओं और उसके उपयोग से जुड़े विषयों पर जानकारी दी।
हाइब्रिड मोड में आयोजित इस वर्कशॉप में करीब 120 प्रतिभागियों ने नामांकन कराया है। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. गोपाल सिंह और संचालन डॉ. रत्नर्त्तु मिश्रा ने किया।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

