देवरिया में साइबर अपराधों से बचाव के लिए छात्रों को किया जागरूक
देवरिया, 14 अक्टूबर (हि.स.)। पुलिस अधीक्षक अभिजित आर. शंकर के निर्देशन में देवरिया पुलिस के साइबर थाने की टीम ने राजकीय इंटर कॉलेज में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें छात्र-छात्राओं और विद्यालय के कर्मचारियों को ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, हैकिंग, पहचान चोरी, साइबर बुलिंग और फर्जी कॉल सहित विभिन्न साइबर अपराधों के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा के महत्व को समझाते हुए ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के उपाय बताए।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इंटरनेट और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल बढ़ने के साथ साइबर अपराधों के मामले भी सामने आ रहे हैं। साइबर अपराधी लोगों को अलग-अलग तरीकों से अपने जाल में फंसाकर उनकी निजी जानकारी और बैंक खातों से संबंधित गोपनीय विवरण हासिल करने का प्रयास करते हैं। थोड़ी सी लापरवाही से लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय सतर्कता बरतनी चाहिए।
पुलिस टीम ने छात्र-छात्राओं को सलाह दी कि किसी अनजान लिंक या संदिग्ध वेबसाइट पर क्लिक न करें। साइबर अपराधी अक्सर फिशिंग लिंक के माध्यम से लोगों की व्यक्तिगत जानकारी चुराने का प्रयास करते हैं। अपने ईमेल, बैंकिंग और अन्य महत्वपूर्ण खातों के लिए मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करें और उसे समय-समय पर बदलते रहें। किसी भी परिस्थिति में अपना ओटीपी, एटीएम पिन या बैंक खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।
अधिकारियों ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति खुद को बैंक अधिकारी, पुलिसकर्मी या सरकारी कर्मचारी बताकर फोन पर गोपनीय जानकारी मांगता है तो उसकी बातों पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए। ऐसे संदिग्ध कॉल और ईमेल से सावधान रहें। सार्वजनिक वाई-फाई का इस्तेमाल करते समय भी विशेष सतर्कता बरतें। सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी सार्वजनिक करने से बचें और अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से पहले सावधानी बरतें। कार्यक्रम में उपनिरीक्षक शिवांग तोमर, उपनिरीक्षक जयप्रकाश दूबे, कंप्यूटर ऑपरेटर शिवमंगल, महिला हेड कांस्टेबल विजय लक्ष्मी शर्मा और महिला कांस्टेबल पूर्णिमा चौधरी ने सहभागिता की।
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हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक

