home page

स्टार्टअप और नवाचार से छात्र गढ़ सकते हैं अपना भविष्य : प्रो. पाथर्डीकर

 | 
स्टार्टअप और नवाचार से छात्र गढ़ सकते हैं अपना भविष्य : प्रो. पाथर्डीकर


जौनपुर, 05 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में स्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान में बीए-एलएलबी (ऑनर्स) प्रथम सेमेस्टर के नव प्रवेशी विद्यार्थियों के लिए आयोजित तीन दिवसीय इंडक्शन कार्यक्रम के दूसरे दिन बुधवार को विद्यार्थियों को उद्यमिता, व्यक्तित्व विकास, योग और मेडिटेशन के महत्व से अवगत कराया गया।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र में मुख्य वक्ता प्रो. अविनाश डी. पाथर्डीकर ने कहा कि विश्वविद्यालय जीवन विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने का सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है। अनुशासन, लक्ष्य के प्रति समर्पण और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति ही सफलता की कुंजी है।

उन्होंने विद्यार्थियों से केवल नौकरी तक सीमित न रहकर स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता को अपनाने का आह्वान किया, ताकि वे स्वयं के साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर सकें।

उन्होंने विश्वविद्यालय में उपलब्ध छात्रावास, इन्क्यूबेशन सेंटर, आधुनिक पुस्तकालय, जिम, खेलकूद एवं चिकित्सा जैसी सुविधाओं की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों से इनका अधिकतम लाभ उठाकर अपने ज्ञान, कौशल और व्यक्तित्व का विकास करने की अपील की।

द्वितीय सत्र में हैप्पीनेस एवं मेडिटेशन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं प्रशिक्षक आनंद राय ने कहा कि योग और ध्यान जीवन को संतुलित, तनावमुक्त और सकारात्मक बनाते हैं। नियमित मेडिटेशन से आत्मविश्वास, एकाग्रता और मानसिक ऊर्जा में वृद्धि होती है, जिससे विद्यार्थी अपने लक्ष्य को अधिक प्रभावी ढंग से प्राप्त कर सकते हैं।

इसके बाद विद्यार्थियों के लिए योग, मेडिटेशन, खेलकूद एवं विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक एवं विभागाध्यक्ष प्रो. विनोद कुमार ने आभार व्यक्त किया। संचालन डॉ. अनुराग मिश्र ने किया। इस अवसर पर डॉ. प्रियंका कुमारी, डॉ. वनिता सिंह, जय सिंह, विकास सिंह सहित संस्थान के शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।----------------

हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव