धार्मिक भावनाएं आहत करने वालों पर हो सख्त कार्रवाई : विधायक
कानपुर, 03 जुलाई (हि.स.)। सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को कथित रूप से आहत करने वाली टिप्पणियों के मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। ऐसे मामलों में समयबद्ध कार्रवाई कर सामाजिक सौहार्द, राष्ट्रीय एकता और कानून के शासन को मजबूत किया जाना आवश्यक है। इसी मांग को लेकर शुक्रवार को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन पुलिस आयुक्त को सौंपा गया। यह बातें शुक्रवार को छावनी विधानसभा से समाजवादी पार्टी के विधायक मो. हसन रूमी ने कहीं।
विधायक मो. हसन रूमी ने पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में कहा कि हाल के दिनों में सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर नाजिया अली खान नामक महिला द्वारा इस्लाम के अंतिम पैगंबर के संबंध में कथित रूप से आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणियां किए जाने के आरोप सामने आए हैं। उनका कहना है कि इन कथित टिप्पणियों से देश के कई नागरिकों में गहरी पीड़ा, आक्रोश और चिंता का माहौल बना है।
ज्ञापन में कहा गया कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म का पालन करने, उसका प्रचार करने तथा अपनी आस्था के साथ सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार देता है। साथ ही संविधान सभी धर्मों के प्रति समान सम्मान, सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और विधि के शासन को सर्वोच्च महत्व प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि भारत विभिन्न धर्मों, संस्कृतियों और परंपराओं वाला देश है, जहां विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है। ऐसे में किसी भी धर्म या उसके पूजनीय व्यक्तित्व के विरुद्ध कथित अपमानजनक टिप्पणी केवल एक समुदाय की भावनाओं को ही नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता को भी प्रभावित करती है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई से लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का विश्वास मजबूत होता है।
विधायक ने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में संबंधित व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति किसी धर्म, महापुरुष या धार्मिक आस्था के विरुद्ध इस प्रकार की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने का दुस्साहस न कर सके।
ज्ञापन में केंद्र और राज्य स्तर की संबंधित एजेंसियों से सोशल मीडिया पर धार्मिक वैमनस्य फैलाने वाली कथित सामग्री के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने तथा ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है। विधायक ने कहा कि यह ज्ञापन किसी समुदाय या व्यक्ति विशेष के प्रति वैमनस्य की भावना से नहीं, बल्कि संविधान, विधि के शासन, सभी धर्मों के सम्मान, सामाजिक शांति तथा देश की एकता और अखंडता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से दिया गया है।
इस अवसर पर पार्षद प्रतिनिधि फखर इकबाल, पार्षद निशा अकील शानू, पार्षद मो. मेराज, पार्षद पति मो. नफीस, जावेद जमील, जिशान उस्मानी, दानिश अख्तर, फर्रुख निजामी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

