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पाल समाज को साधने की रणनीति, अजीत पाल बने राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार

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पाल समाज को साधने की रणनीति, अजीत पाल बने राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार


कानपुर देहात, 10 मई (हि. स.)। उत्तर प्रदेश की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक संदेश देते हुए कानपुर देहात की सिकंदरा विधानसभा सीट से विधायक अजीत पाल का कद बढ़ा दिया है। योगी सरकार में पहले से राज्यमंत्री रहे अजीत पाल को अब राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाया गया है। माना जा रहा है कि भाजपा ने इस फैसले के जरिए प्रदेश में पाल समाज के वोट बैंक को मजबूत करने की रणनीति पर काम किया है।

अजीत पाल का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। उनके पिता मथुरा प्रसाद पाल वर्ष 2017 में भाजपा के टिकट पर सिकंदरा विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे। हालांकि चुनाव जीतने के कुछ समय बाद ही इलाज के दौरान उनका निधन हो गया था। इसके बाद पार्टी ने उपचुनाव में उनके परिवार पर भरोसा जताते हुए सबसे छोटे बेटे अजीत पाल को उम्मीदवार बनाया। जनता ने भी सहानुभूति और विश्वास के साथ अजीत पाल को भारी समर्थन दिया और वे पहली बार विधायक बनने के साथ ही पिता की राजनीतिक विरासत के उत्तराधिकारी बन गए।

इसके बाद अजीत पाल ने संगठन और सरकार में सक्रिय भूमिका निभाई। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उपचुनाव में मिली जीत आधार पर एक बार फिर उन पर भरोसा जताया और चुनाव मैदान में उतारा। पार्टी के इस फैसले को उन्होंने सही साबित करते हुए दोबारा सिकंदरा सीट से जीत हासिल की। इस जीत का तोहफा उन्हें प्रदेश में दूसरी बार बनी योगी सरकार के मंत्रिमण्डल में शामिल होने के रूप में मिला। सरकार ने उन्हें इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में राज्य मंत्री बनाया गया। अब स्वतंत्र प्रभार की जिम्मेदारी देकर उनका राजनीतिक कद और बढ़ा दिया गया है।

अजीत पाल पढ़े-लिखे नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने बीटेक, एमटेक और एमबीए जैसी उच्च शिक्षा प्राप्त की है। राजनीति में आने से पहले वे केमिकल इंजीनियर के रूप में कार्य कर चुके हैं। यही वजह है कि उन्हें तकनीकी और प्रशासनिक समझ रखने वाले युवा नेताओं में गिना जाता है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी ने अजीत पाल को बड़ी जिम्मेदारी देकर पाल समाज के बीच मजबूत संदेश देने की कोशिश की है। आने वाले चुनावों को देखते हुए यह फैसला पार्टी की सामाजिक और राजनीतिक रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।------------

हिन्दुस्थान समाचार / अवनीश अवस्थी