उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग की बड़ी पहल : प्रदेश के 06 जनपदों में महापुरूषों की प्रतिमाएं स्थापित
लखनऊ, 20 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा प्रदेश के महापुरूषों, नायकों, भारतीय संस्कृति को समृद्ध बनाने वाले साहित्यकारों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की मूर्तियां स्थापित करायी गयी है। इसमें से सूर्यकुंड अयोध्या में भगवान सूर्य नारायण की 06 फीट खड़ी सैंड स्टोन की मूर्ति, गणेश कुंड अयोध्या में भगवान गणेश की 10 फीट खड़ी सैंड स्टोन की मूर्ति, अयोध्या में महर्षि वाल्मिकी की 06 फीट बैठी हुई कांस्य मूर्ति, कासगंज रेलवे पुल के पास शहीद स्थल एटा में बाबू कल्याण सिंह की 12.5 फीट खड़ी कांस्य मूर्ति तथा महमूदाबाद सीतापुर में महंत अवैद्यनाथ की 12.5 फीट खड़ी कांस्य मूर्ति, प्रयागराज में कमला बहुगुणा की 06 फीट कांस्य मूर्ति तथा जनपद फर्रूखाबाद के जहानगंज रोड क्षत्रीयभवन में महाराणा प्रताप की 12.5 फीट अश्वारोही मूर्ति स्थापित कर दी गयी है।
यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि देश के नागरिकों, साहित्यकारों तथा महापुरूषों के योगदान को जीवंत बनाए रखने के लिए उनकी प्रतिमांए स्थापित करने का कार्य संस्कृति विभाग द्वारा किया जा रहा है। इसी क्रम में अवंतीबाई की 12.5 फीट अश्वारोही कांस्य प्रतिमा, कालों कुआं चौराहा, बांदा में स्थापित किए जाने का निर्णय लिया गया है। इस मूर्ति निर्माण का कार्य प्रगति पर है। इसी प्रकार बाबू कल्याण सिंह की 12.5 फीट खड़ी कांस्य मूर्ति, कासगंज एटा का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा छत्रपति शिवाजी महाराज की अश्वारोही 12.5 फीट खड़ी कांस्य प्रतिमा तींदवारी रोड बड़ा चौराहा, बांदा में स्थापित कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि इसी प्रकार महाराजा छत्रसाल की अश्वारोही 12.5 फीट कांस्य प्रतिमा बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय बांदा के निकट मवई चौराहे पर स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा चौक चौराहा, लखनऊ में छत्रपति शिवाजी महाराज की 12.5 फीट खड़ी अश्वारोही कांस्य प्रतिमा के निर्माण का कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा बाबू कल्याण सिंह जी की 12.5 फीट खड़ी कांस्य प्रतिमा जनपद बुलंदशहर नगर पंचायत, नरौरा समाधि स्थल पर लगाए जाने का प्रकरण विचाराधीन है। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार अन्य महापुरूषों की प्रतिमांए विभाग द्वारा निर्मित करायी जा रही हैं। इन मूर्तियों को स्थापित करने का उद्देश्य युवापीढ़ी को उनके योगदान, कृतित्व एवं देश निर्माण में उनकी भूमिका से अवगत कराना है।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

