महिला आयोग की सदस्य अर्चना पटेल ने सुनी
बांदा, 09 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य अर्चना पटेल ने सोमवार को सर्किट हाउस सभागार में आयोजित महिला जनसुनवाई में घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, बाल विवाह, बाल श्रम सहित अन्य मामलों से जुड़ी महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना।उन्हाेंने समस्याओं के निस्तारण काे लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए।
महिला आयोग की सदस्य ने जनसुनवाई के दौरान कई महिलाओं के मामलों पर संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। ग्राम जमवारा निवासी कुरेशा बेगम के पति की मृत्यु के बाद उन्हें आर्थिक सहायता दिलाने के लिए राशन कार्ड, विधवा पेंशन और उनकी बेटियों को कन्या सुमंगला योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए।
ग्राम नरौली की भूरी सिंह ने अपने देवर द्वारा मारपीट और प्रताड़ना की शिकायत की, जिस पर क्षेत्राधिकारी पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसी तरह सिया जानकी काे गांव के दबंग लोगों द्वारा परेशान और गाली-गलौज किए जाने के मामले में एसएचओ गिरवां को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। स्वराज कॉलोनी निवासी अंजना ने पति द्वारा मारपीट और अमानवीय व्यवहार की शिकायत दर्ज कराई, जिस पर मामले को परिवार परामर्श केंद्र में काउंसलिंग के लिए भेजने के निर्देश दिए गए। ग्राम मिरजापुर की एक महिला द्वारा गांव के लोगों पर मारपीट का आरोप लगाए जाने पर सीओ बबेरू को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा जरैली कोठी निवासी ललिता देवी ने अपने खेत की पैमाइश कराने के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया, जिस पर उप जिलाधिकारी सदर को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। ग्राम हड़हा की एक महिला ने दहेज के लिए पति और ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ित किए जाने की शिकायत की, जिस पर परिवार परामर्श केंद्र में सुलह-समझौता कराने के निर्देश दिए गए।
ग्राम बिलबई की एक महिला द्वारा पड़ोसियों के उत्पीड़न और अपशब्द कहने की शिकायत पर क्षेत्राधिकारी पुलिस सदर को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं ग्राम सैमरा के एक फरियादी द्वारा ससुराल पक्ष से परेशान किए जाने की शिकायत पर संबंधित पुलिस अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
महिला आयोग की सदस्य अर्चना पटेल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं में महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर लाभान्वित किया जाए तथा पीड़ित महिलाओं को आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि दहेज, घरेलू हिंसा और महिलाओं के उत्पीड़न से जुड़े मामलों को गंभीरता से सुनकर उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी, महिला थानाध्यक्ष मोनी निषाद, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीनू सिंह, जिला सूचना अधिकारी रामजी दुबे, जिला कार्यक्रम अधिकारी दिलीप पांडेय सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह

