यज्ञ मंडप की परिक्रमा से मिलती है लक्ष्मी नारायण की कृपा, सौभाग्यशाली ही पाते हैं अवसर : श्रीजीयर स्वामी
अयोध्या, 24 मार्च (हि.स.)। राजघाट अयोध्या में श्रीजीयर स्वामी के सान्निध्य में चल रहे श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ के छठवें दिन मंगलवार को आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 5000 यजमानों ने विश्व कल्याण के लिए एक साथ आहुति दी। जैसे-जैसे 28 मार्च को होने वाली पूर्णाहुति नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे श्रद्धालुओं की भीड़ भी बढ़ती जा रही है।
प्रवचन के दौरान श्रीजीयर स्वामी ने श्रद्धालुओं से कहा कि यज्ञ मंडप की परिक्रमा करने से भगवान लक्ष्मी नारायण की कृपा बनी रहती है। उन्होंने कहा कि जिसके जीवन में सौभाग्य होता है, वही ऐसे दिव्य यज्ञ में भाग ले पाता है। स्वामी जी ने कहा कि श्रद्धा से की गई एक परिक्रमा भी कई जन्मों के पापों का क्षय कर देती है, परिवार से दरिद्रता दूर होती है और माता लक्ष्मी का वास होता है।
महायज्ञ परिसर में प्रतिदिन हजारों की संख्या में महिला और पुरुष यज्ञ मंडप की परिक्रमा करने के लिए पहुंच रहे हैं। सुबह से लेकर शाम तक श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। यज्ञ मंडप के आसपास उमड़ी भीड़, भक्ति में डूबे श्रद्धालु और वैदिक अनुष्ठान का दृश्य दूर से ही मन को आकर्षित कर रहा है।
पूर्णाहुति के दिन दिखेगा आस्था का विशाल स्वरूप
छठवें दिन हुए अनुष्ठान में 5000 यजमानों ने एक साथ विश्व कल्याण की कामना के साथ आहुति दी। पूरा यज्ञ परिसर वैदिक मंत्रों, धार्मिक उल्लास और सनातन आस्था से गूंज उठा। आयोजन स्थल पर बढ़ती भीड़ यह संकेत दे रही है कि पूर्णाहुति के दिन यहां आस्था का और भी विशाल स्वरूप देखने को मिलेगा।
धर्म और भक्ति का संदेश
महायज्ञ में भारत के कोने-कोने से आए संत-महात्मा श्रद्धालुओं को प्रवचन के माध्यम से धर्म और भक्ति का संदेश दे रहे हैं। श्रीजीयर स्वामी के अलावा अयोध्यानाथ स्वामी, बैकुंठनाथ स्वामी, मुक्तिनाथ स्वामी सहित कई संत श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक रसपान करा रहे हैं। विशाल प्रवचन पंडाल में हजारों महिला-पुरुष एक साथ बैठकर प्रवचनों का श्रवण कर रहे हैं।
अद्भुत और अलौकिक नजारा
आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रतिदिन 20 से 25 हजार लोग प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। शाम तक लोग स्वामी जी के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं और यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर रहे हैं। दूर से दिखाई देता यह दृश्य अत्यंत अद्भुत और अलौकिक नजर आ रहा है।
श्रद्धालु बोले, पहली बार इतना विशाल यज्ञ देख रहे
इस महायज्ञ की चर्चा बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश सहित कई जगहों पर हो रही है। श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर राम मंदिर और हनुमानगढ़ी का दर्शन भी कर रहे हैं। साथ ही सरयू नदी में स्नान कर प्रसाद ग्रहण कर अपने धार्मिक अनुभव को और गहरा बना रहे हैं। लोगों का कहना है कि अयोध्या में इस प्रकार का इतना विशाल यज्ञ पहली बार हो रहा है। मीडिया प्रभारी अखिलेश बाबा ने बताया कि 28 मार्च को महायज्ञ की पूर्णाहुति होगी, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की सूचना मिल रही है। महायज्ञ को सफल बनाने के लिए सैकड़ों लोग दिन-रात सेवा कार्य में जुटे हुए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ .राजेश

