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बदौसा-अतर्रा-खुरहंड रेलखंड पर 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से स्पीड ट्रायल सफल

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बदौसा-अतर्रा-खुरहंड रेलखंड पर 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से स्पीड ट्रायल सफल


बांदा, 23 जुलाई (हि.स.)। उत्तर झांसी-मानिकपुर रेल दोहरीकरण परियोजना के तहत गुरुवार को बदौसा-अतर्रा-खुरहंड रेलखंड पर 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से सफल स्पीड ट्रायल किया गया। रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) प्रणजीव सक्सेना की मौजूदगी में संपन्न इस ट्रायल ने परियोजना के एक महत्वपूर्ण चरण को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया।

स्पीड ट्रायल से पहले रेल संरक्षा आयुक्त ने बांदा रेलवे स्टेशन पहुंचकर गेट संख्या-472 से खुरहंड स्टेशन तक ट्रॉली के माध्यम से नव निर्मित दोहरीकरण लाइन का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान ट्रैक, सिग्नलिंग प्रणाली, रेल संरक्षा व्यवस्था, पुल-पुलियों और अन्य तकनीकी मानकों का बारीकी से परीक्षण किया गया। निरीक्षण में सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गईं।

निरीक्षण के बाद दोपहर लगभग 12:30 बजे खुरहंड स्टेशन से विशेष निरीक्षण ट्रेन को 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से रवाना किया गया। यह स्पीड ट्रायल बदौसा स्टेशन तक सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। ट्रायल के दौरान रेल लाइन के सभी तकनीकी और सुरक्षा मानक पूरी तरह संतोषजनक पाए गए।

स्पीड ट्रायल पूरा होने के बाद रेल संरक्षा आयुक्त प्रणजीव सक्सेना एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी प्रयागराज के लिए रवाना हो गए, जबकि मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) झांसी अनिरुद्ध कुमार अन्य अधिकारियों के साथ बांदा होते हुए झांसी लौट गए।

पूरे कार्यक्रम के दौरान रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले रखी। सुरक्षा ड्यूटी में एक निरीक्षक, दो उपनिरीक्षक, एक सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) तथा 10 हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल तैनात रहे।

मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) झांसी अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि इस स्पीड ट्रायल की सफलता झांसी-मानिकपुर रेल दोहरीकरण परियोजना के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। परियोजना पूरी होने के बाद इस रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित, तेज और सुचारु होगा। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ-साथ मालगाड़ियों के संचालन में भी तेजी आएगी, जिससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

इस अवसर पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) अजीत सिंह यादव, मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) झांसी अनिरुद्ध कुमार, रेल संरक्षा आयुक्त प्रणजीव सक्सेना, आरपीएफ निरीक्षक सुरुचि द्विवेदी सहित रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।बदौसा-अतर्रा-खुरहंड रेलखंड पर 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से सफल स्पीड ट्रायल किया गया।

रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) प्रणजीव सक्सेना की मौजूदगी में संपन्न इस ट्रायल ने परियोजना के एक महत्वपूर्ण चरण को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया।

स्पीड ट्रायल से पहले रेल संरक्षा आयुक्त ने बांदा रेलवे स्टेशन पहुंचकर गेट संख्या-472 से खुरहंड स्टेशन तक ट्रॉली के माध्यम से नव निर्मित दोहरीकरण लाइन का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान ट्रैक, सिग्नलिंग प्रणाली, रेल संरक्षा व्यवस्था, पुल-पुलियों और अन्य तकनीकी मानकों का बारीकी से परीक्षण किया गया। निरीक्षण में सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गईं।

निरीक्षण के बाद दोपहर लगभग 12:30 बजे खुरहंड स्टेशन से विशेष निरीक्षण ट्रेन को 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से रवाना किया गया। यह स्पीड ट्रायल बदौसा स्टेशन तक सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

ट्रायल के दौरान रेल लाइन के सभी तकनीकी और सुरक्षा मानक पूरी तरह संतोषजनक पाए गए।

स्पीड ट्रायल पूरा होने के बाद रेल संरक्षा आयुक्त प्रणजीव सक्सेना एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी प्रयागराज के लिए रवाना हो गए, जबकि मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) झांसी अनिरुद्ध कुमार अन्य अधिकारियों के साथ बांदा होते हुए झांसी लौट गए।

पूरे कार्यक्रम के दौरान रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले रखी। सुरक्षा ड्यूटी में एक निरीक्षक, दो उपनिरीक्षक, एक सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) तथा 10 हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल तैनात रहे।

रेल अधिकारियों ने बताया कि इस स्पीड ट्रायल की सफलता झांसी-मानिकपुर रेल दोहरीकरण परियोजना के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। परियोजना पूरी होने के बाद इस रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित, तेज और सुचारु होगा। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ-साथ मालगाड़ियों के संचालन में भी तेजी आएगी, जिससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

इस अवसर पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) अजीत सिंह यादव, मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) झांसी अनिरुद्ध कुमार, रेल संरक्षा आयुक्त प्रणजीव सक्सेना, आरपीएफ निरीक्षक सुरुचि द्विवेदी सहित रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह