संभल में मस्जिद ध्वस्तीकरण पर भड़के सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क, बोले- लड़ेंगे 'कानूनी लड़ाई
संभल, 07 जून (हि.स.) जनपद संभल के कसेरुआ गांव में मस्जिद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर सियासत तेज हो गई है। सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने रविवार काे प्रेस वार्ता कर प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए और इसे जल्दबाजी में लिया गया फैसला बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मस्जिद, मदरसा, कब्रिस्तान और अन्य धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जो समाज को बांटने की राजनीति का हिस्सा हैं।
सांसद बर्क ने दावा किया कि ध्वस्त की गई मस्जिद करीब 150 वर्ष पुरानी थी और वक्फ संपत्ति के रूप में पंजीकृत थी। उनका कहना है कि वक्फ संपत्ति से जुड़े मामलों की सुनवाई का अधिकार केवल वक्फ ट्रिब्यूनल को है, जबकि प्रशासनिक अधिकारियों ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कार्रवाई की है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएम कोर्ट से आदेश पारित होने के तुरंत बाद बिना पर्याप्त समय दिए मस्जिद को गिरा दिया गया, जिससे प्रभावित पक्ष को उच्च अदालतों में अपील का अवसर नहीं मिल सका।
बर्क ने कहा कि वह इस मामले को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएंगे तथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की उकसावे वाली राजनीति से बचें और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संवैधानिक और कानूनी रास्ता अपनाएं।
प्रेस वार्ता के दौरान मस्जिद परिसर से मिले आई लव मोहम्मद पोस्टरों और हरे झंडे को लेकर दर्ज एफआईआर पर भी सांसद ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अपने धर्म और पैगंबर से प्रेम व्यक्त करना संवैधानिक अधिकार है तथा हरे रंग का झंडा धार्मिक पहचान का प्रतीक है, इसे किसी दूसरे देश से जोड़ना गलत और भ्रामक है। सांसद ने स्पष्ट किया कि वह इस पूरे मामले में प्रभावित पक्ष के साथ खड़े रहेंगे और न्याय के लिए हर कानूनी मंच पर लड़ाई जारी रखेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / Nitin Sagar

