अब कौशल प्रशिक्षण केंद्रों में सिर्फ ट्रेनिंग नहीं, लीडरशिप का भी होगा “धमाल”
लखनऊ, 29 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण युवाओं को केवल तकनीकी रूप से दक्ष बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उन्हें आधुनिक कॉर्पोरेट जगत की जरूरतों के अनुरूप आत्मविश्वासी, संवाद कुशल और नेतृत्व क्षमता से युक्त युवा के रूप में तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) ने दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (डीडीयू-जीकेवाई) के अंतर्गत संचालित सभी आवासीय प्रशिक्षण केंद्रों के लिए वर्षभर चलने वाली सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का विस्तृत कैलेंडर जारी किया है।
इस नई व्यवस्था का उद्देश्य प्रशिक्षार्थियों के भीतर लीडरशिप, कम्युनिकेशन स्किल, डिजिटल साक्षरता, व्यक्तित्व विकास और रोजगारपरक दक्षताओं को विकसित करना है। मिशन ने सभी परियोजना क्रियान्वयन संस्थाओं (PIA) के लिए इन गतिविधियों का संचालन अनिवार्य कर दिया है। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी संस्थान ने लापरवाही बरती या गतिविधियों को गंभीरता से लागू नहीं किया तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि जारी कैलेंडर के तहत पूरे वर्ष राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय दिवसों, सांस्कृतिक आयोजनों, खेल प्रतियोगिताओं, उद्यमिता सत्रों, डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों और कॅरियर आधारित गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
जनवरी में राष्ट्रीय युवा दिवस, गणतंत्र दिवस और कॅरियर काउंसलिंग से शुरुआत होगी, जबकि फरवरी में सांस्कृतिक उत्सव और उद्यमिता कार्यशालाएं आयोजित होंगी। मार्च में महिला दिवस और वार्षिक सम्मान समारोह होंगे, वहीं अप्रैल में पृथ्वी दिवस, टैलेंट हंट, सेल्फ इंट्रोडक्शन प्रतियोगिता और अंबेडकर जयंती आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
मिशन निदेशक पुलकित खरे के निर्देशन में जारी कैलेंडर के अनुसार, मई में योग, खेल प्रतियोगिता, पोस्टर मेकिंग और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं पर जोर रहेगा, जबकि जून को “हेल्थ एंड वेलनेस” थीम को समर्पित किया गया है। जुलाई में ग्रुप डिस्कशन, मॉक इंटरव्यू और पब्लिक स्पीकिंग प्रतियोगिताएं होंगी। अगस्त में स्वतंत्रता दिवस, रंगोली प्रतियोगिता और रक्षाबंधन आधारित सांस्कृतिक आयोजन होंगे, जबकि सितंबर में शिक्षक दिवस, हिंदी दिवस और साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। अक्टूबर में गांधी जयंती, स्वच्छता अभियान, श्रमदान और साइबर सुरक्षा कार्यशालाएं आयोजित होंगी। नवंबर में संविधान दिवस, क्विज और खेल प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी, जबकि दिसंबर में अंग्रेजी बोलचाल सप्ताह, डिजिटल साक्षरता और रिज्यूमे लेखन जैसी गतिविधियां युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करेंगी।
मिशन निदेशक पुलकित खरे ने कहा कि उत्तर प्रदेश कौशल विकास विभाग का यह कदम ग्रामीण युवाओं को न सिर्फ तकनीकी रूप से मजबूत बनाएगा, बल्कि उनके भीतर छिपे आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक कौशल को भी विकसित करेगा। उन्होंने कहा कि आज के कॉर्पोरेट जगत में केवल तकनीकी दक्षता ही नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास और संवाद कौशल भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं और योगी सरकार इसी दिशा में युवाओं को तैयार कर रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

