पीयू में छह दिवसीय सिक्योर एप्लीकेशन डेवलपमेंट कार्यशाला संपन्न, 90 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया प्रशिक्षण
जौनपुर, 10 अक्टूबर (हि.स.)। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग संकाय और आईईईई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित छह दिवसीय ‘सिक्योर एप्लीकेशन डेवलपमेंट’ कार्यशाला का शनिवार को समापन हुआ। इस दौरान विद्यार्थियों ने सुरक्षित एप्लीकेशन विकसित करने की तकनीक सीखी। कार्यशाला में 90 से अधिक विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण पूरा किया।
समापन सत्र में कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने कहा कि डिजिटल युग में बैंकिंग, शिक्षा और शासन सहित विभिन्न क्षेत्रों में तकनीक का उपयोग बढ़ रहा है। इसके साथ ही साइबर हमलों का खतरा भी बढ़ा है। डिजिटल इंडिया को सुरक्षित बनाने के लिए देश को बड़ी संख्या में कुशल साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में डीआरडीओ, इसरो, सीईआरटी-इन, भारतीय सेना की साइबर सेल, बैंकिंग और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार की संभावनाएं हैं।
साइबर अपराध विशेषज्ञ डॉ. अनुप गिरधर ने गूगल क्लासरूम पर अपलोड किए गए विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट का मूल्यांकन किया। नवाचार, सुरक्षा सुविधाओं और प्रस्तुतीकरण के आधार पर तीन सर्वश्रेष्ठ प्रोजेक्ट चुने गए। प्रथम पुरस्कार यासिर, अभिलाषा और तनु की टीम को मिला। द्वितीय पुरस्कार प्रेरणा और प्राची तथा तृतीय पुरस्कार इप्सिता और आंचल को प्रदान किया गया। विजेताओं को कुलपति एवं अतिथियों ने प्रमाण-पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
डॉ. अनूप गिरधर ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों में काफी संभावनाएं हैं। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. दिव्येंदु कुमार मिश्रा ने किया। संकायाध्यक्ष प्रो. सौरभ पाल ने कार्यशाला की जानकारी दी।
इस अवसर पर आईईईई ब्रांच चेयर सृजन श्रीवास्तव, सचिव इप्सिता श्रीवास्तव सहित अन्य विद्यार्थियों ने आयोजन में सहयोग किया। समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव

