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एसआईआर : यूपी में 70 लाख से अधिक नए मतदाता बनने के लिए आए आवेदन

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एसआईआर : यूपी में 70 लाख से अधिक नए मतदाता बनने के लिए आए आवेदन


लखनऊ, 07 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के दावा एवं आपत्ति अवधि (6 जनवरी से 6 मार्च, 2026 तक) की उपलब्धियों के संबंध में शनिवार को लोकभवन स्थित मीडिया सेंटर में पत्रकार वार्ता कर जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा तथा लोकसभा निर्वाचनों की मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के दौरान दावा एवं आपत्ति अवधि (06 जनवरी से 06 मार्च तक) में नागरिकों से दावे व आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। इसी अवधि में गणना चरण में मिलान न कराने वाले मतदाताओं, मिलान में तार्किक विसंगति वाले मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए। 06 जनवरी से 27 मार्च तक निर्धारित समय के दौरान जारी किये जा रहे नोटिस एवं सुनवाई की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। अब तक 85 फीसदी से अधिक सुनवाई पूरी कर ली गयी है। नए मतदाता बनने के लिए दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान फॉर्म 06 के तहत 70 लाख 69 हजार 810 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 34 लाख 96 हजार 911 पुरुष और 35 लाख 72 हजार 603 महिला मतदाता शामिल हैं। इनमें 18 से 29 साल आयु वर्ग के 47 लाख 81 हजार 526 युवा मतदाता शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि छह जनवरी को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 मतदाता हैं। इनमें छह करोड़ 88 लाख 43 हजार 159 पुरुष मतदाता हैं। यह 54.83 फीसदी है। महिला मतदाताओं की संख्या पांच करोड़ 67 लाख आठ हजार 747 है। महिला मतदाताओं की भागीदारी 45.17 फीसदी है। तृतीय लिंग मतदाताओं की संख्या चार हजार 119 है। यह कुल मतदाताओं का 0.01 फीसदी से कम है।

नवदीप रिणवा ने बताया कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के अन्तर्गत प्रदेश भर में समस्त मतदेय स्थलों पर अधिक से अधिक संख्या में पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में सम्मिलित करने के उद्देश्य से दावा एवं आपत्ति अवधि में चार विशेष अभियान चलाया गया। 11 जनवरी को पहला, 18 जनवरी को दूसरा, 31 जनवरी को तीसरा तथा 22 फरवरी को चौथा विशेष अभियान दिवस का आयोजन किया गया। विशेष अभियान दिवसों में मतदेय स्थलों पर पर्याप्त संख्या में फॉर्म-6, 6ए, 7 एवं 8 तथा घोषणा पत्र, मसौदा मतदाता सूची, विगत विशेष प्रगाढ पुनरीक्षण-2003 की अन्तिम मतदाता सूची आदि के साथ बूथ लेवल अधिकारियों ने अभियान को आगे बढ़ाया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि बिना विधायी प्रक्रिया अपनाए किसी भी मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा। पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं की सुविधा के लिए बूथ स्तर पर भी सुनवाई की व्यवस्था की गई है। बूथ लेवल अधिकारी दस्तावेज जमा करने में सहायता कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि 14 जनवरी से नोटिस जारी करने और 21 जनवरी से सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। अब तक 93.8 फ़ीसदी नोटिस वितरित किया गया है। 85 प्रतिशत मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है। इस कार्य के लिए प्रदेश में 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, 12 हजार 758 सहायक अधिकारी और 5621 सुनवाई केंद्र लगाए गए हैं। आंकड़ों के अनुसार मिलान न करने वाले लगभग 1.04 करोड़ मतदाताओं और तार्किक विसंगतियाें वाले करीब 2.22 करोड़ मतदाताओं से संबंधित मामलों में नोटिस जारी किए गए हैं।

नोटिसों की सुनवाई के सम्बन्ध में

-मिलान न कराने वाले मतदाताओं की कुल संख्या- 1.04 करोड़-मिलान में तार्किक विसंगतियों वाले मतदाताओं की संख्या- 2.22 करोड़-नोटिस जारी किये जाने की प्रथम तिथि- 14 जनवरी, 2026-नोटिस सुनवाई की प्रथम तिथि- 21 जनवरी, 2026-जनरेटेड नोटिसों की कुल सख्या- शत-प्रतिशत-नोटिस वितरण - 93.8%-06 मार्च, 2026 तक सुनवाई- 85.8%-सुनवाई हेतु निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की सख्या -403-सुनवाई हेतु सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की संख्या -12,758-नोटिस सुनवाई केन्द्रों की संख्या- 5,621

दावा एवं आपत्ति अवधि में प्राप्त आवेदन

-दावा एवं आपत्ति अवधि (6 जनवरी से 6 मार्च, 2026) में कुल प्राप्त फॉर्म 6- 70,69,810-27 अक्टूबर, 2025 से 06 मार्च, 2026 तक प्राप्त कुल फार्म 6- 86,69,073-दावा एवं आपत्ति अवधि (6 जनवरी से 6 मार्च, 2026) में कुल प्राप्त फॉर्म 7- 2,68,682-दावा एवं आपत्ति अवधि (6 जनवरी से 6 मार्च, 2026) में कुल प्राप्त फॉर्म 8- 16,33,578

बुक ए कॉल विद बीएलओ

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदान की गयी इस सुविधा के माध्यम से कोई भी मतदाता अपने बीएलओ से सीधे बात करने के लिए आयोग के पोर्टल voters.eci.gov.in अथवा ECINET मोबाइल ऐप के माध्यम से फोन कॉल बुक कर सकता है। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण की अवधि में फरवरी तक 799 लाख कॉल बुक की गयीं थी। उसके सापेक्ष 7.68 लाख (96.12%) मतदाताओं को बीएलओ द्वारा कॉल करके सम्पर्क किया गया। 03.84 फीसदी मतदाताओं द्वारा कॉल नहीं उठाया गया। बुक ए कॉल विद बीएलओ सुविधा के अन्तर्गत कॉल निस्तारण में फरवरी में उत्तर प्रदेश को पूरे देश में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि विशेष प्रगाढ पुनरीक्षण-2026 प्रारम्भ होने के पश्चात मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ राज्य स्तर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में पांच बैठकें आयोजित की गयीं। भारत निर्वाचन आयोग के नवीनतम दिशा निर्देशों एवं कार्य की अद्यतन प्रगति से उन्हें अवगत कराते हुए उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। उनसे फीडबैक एवं सुझाव भी प्राप्त किये गये। उन्होंने बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त पांच लाख 82 हखार 877 बूथ लेवल एजेंट ने प्रक्रिया में भागीदारी की है।

हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप शुक्ला