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एसआईईएफ को मिली उत्तर प्रदेश सरकार की मान्यता : शरद सिंह

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एसआईईएफ को मिली उत्तर प्रदेश सरकार की मान्यता : शरद सिंह


लखनऊ, 27 अगस्त (हि.स.)। एसआईईएफ को मिली यह मान्यता एसएमएस तथा एसआईईएफ की नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप विकास के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण प्रमाण है। हमारा प्रयास विद्यार्थियों और युवाओं में उद्यमशीलता की भावना को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें नवीन विचारों को व्यावहारिक रूप देने के लिए आवश्यक मंच और संसाधन उपलब्ध कराना है। यह बातें गुरुवार को स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज, लखनऊ के सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी शरद सिंह ने कहीं।

स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज (एसएमएस), लखनऊ की पहल एसएमएस इन्क्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरियल फाउंडेशन (एसआईईएफ) को उत्तर प्रदेश सरकार की आईटी नीति-2022 और उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति के अंतर्गत मान्यता प्राप्त इन्क्यूबेटर के रूप में अनुमोदित किया गया है। इसके साथ ही एसआईईएफ को स्टार्टइनयूपी पोर्टल पर सक्रिय कर दिया गया है।

एसआईईएफ प्रदेश में हाल ही में अनुमोदित 12 अतिरिक्त इन्क्यूबेटरों में शामिल है। नीति क्रियान्वयन इकाई की 22 जून 2026 को हुई बैठक में लिए गए निर्णय और अनुमोदन के बाद यह मान्यता मिली है। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जारी आधिकारिक सूचना में भी एसआईईएफ को स्टार्टइनयूपी पोर्टल पर मान्यता प्राप्त इन्क्यूबेटर के रूप में स्वीकृत और सक्रिय किए जाने की पुष्टि की गई है।

लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के नवाचार और स्टार्टअप तंत्र को मजबूत करने में 24 हजार से अधिक स्टार्टअप की भूमिका को रेखांकित किया। प्रदेश में 12 नए इन्क्यूबेटरों को स्वीकृति और मान्यता मिलने का भी उल्लेख किया गया।

एसआईईएफ लखनऊ में स्ववित्तपोषित संस्थानों की श्रेणी में मान्यता प्राप्त करने वाला प्रथम चयनित इन्क्यूबेशन संस्थान है। मान्यता मिलने के बाद एसआईईएफ स्टार्टइनयूपी पोर्टल के माध्यम से पात्र स्टार्टअप और उद्यमियों के लिए नीति के तहत उपलब्ध लाभ, प्रोत्साहन, सहायता और योजनाओं से संबंधित आवेदन एवं प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकेगा।

एसआईईएफ के निदेशक प्रो. भरत राज सिंह ने कहा कि संस्थान विद्यार्थियों, युवा उद्यमियों, शोधकर्ताओं और नवाचारकर्ताओं को ऐसा मंच उपलब्ध कराने का प्रयास करेगा, जहां उनके नवीन विचारों को मेंटरशिप, तकनीकी मार्गदर्शन, व्यवसायिक परामर्श, इन्क्यूबेशन, नेटवर्किंग और सरकारी योजनाओं से जोड़कर व्यावहारिक उद्यमों में बदला जा सके।

उन्होंने कहा कि एसआईईएफ प्रारंभिक चरण से लेकर व्यवसाय के विस्तार तक आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग देने पर काम करेगा।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की मान्यता से एसआईईएफ की क्षमता के साथ जिम्मेदारी भी बढ़ी है। आने वाले समय में संस्थान नवाचार, उद्यमिता, स्टार्टअप, प्रौद्योगिकी विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए उद्योग, शिक्षण संस्थानों, विशेषज्ञों, निवेशकों और सरकारी संस्थाओं के साथ सहयोग विकसित करेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप