(अपडेट) बस्ती के वाल्टरगंज थाना प्रभारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
बस्ती, 29 अगस्त (हि.स.)। बस्ती जिला मुख्यालय पर कर्मचारी आवास में शनिवार देर शाम को वाल्टरगंज थाना प्रभारी सूर्य प्रकाश सिंह का शव मिला। घटना की जानकारी मिलते ही एएसपी समेत पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच में जुट गई।
घटना की जानकारी पर डीआईजी बस्ती परिक्षेत्र संजीव त्यागी, पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह सहित पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंच घटना का जायजा ले रहे हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार प्रभारी निरीक्षक द्वारा फांसी लगाने की बात सामने आई है। हालांकि, पुलिस ने अभी मौत की वास्तविक वजह की पुष्टि नहीं की है। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के कलेक्ट्रेट के पास बने सरकारी आवास में शनिवार शाम 6:30 बजे का है। पुलिस मामले की जांच की जा रही हैं।
घटना की जानकारी देते हुए डीआईजी, बस्ती सजीव त्यागी ने बताया कि थाना प्रभारी सूर्य प्रकाश सिंह आज दोपहर एक बजे अपने सहकर्मियों के साथ सरकारी आवास पर आये उनके सहयोगी सिविल लाइन चौकी पर बैठ कर उनका इंतजार कर रहे थे शाम को जब उनके सरकारी कमरे में साथ रहने वाले बलराम गौड़ आए तो उन्होंने दरवाजा तोड़ कर देखा तो थाना प्रभारी का शव पंखे से लटकता था जिसकी सूचना उन्होंने पुलिस को दिया। घटना की जांच की जा रही है किसी प्रकार का कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। फॉरेंसिक टीम सहित टीम के द्वारा जांच कर विधि कार्रवाई की जा रही है।
वहीं समाजवादी पार्टी से बस्ती सदर विधायक महेंद्र नाथ यादव ने आज जनपद में लालगंज थाने में तैनात महिला कांस्टेबल केसरी वर्मा (30) की मौत और थाना प्रभारी वाल्टरगंज सूर्य प्रकाश सिंह के द्वारा सुसाइड किए जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि सरकार और उनके अधिकारियों के बीच की खींचतान में कर्मचारी पिस रहे हैं जिसका परिणाम है कि 30 वर्षीय महिला कांस्टेबल के सिर में चार टांके और हाथ में सिटी स्कैन लेकर अधिकारियों के चक्कर लगाती रहे और उसे छुट्टी ना मिल सकी कि वह बेहतर इलाज करा सके और उसकी मौत ही गई। दूसरी तरफ एक थाना प्रभारी के सुसाइड की घटना एक ही दिन में होना पुलिस की कार्यप्रणाली और कार्य पद्धति पर सवाल खड़े करते हैं। सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति और पुलिस की बेहतर व्यवस्था को लेकर किए जा रहे वादे खोखले हैं, पुलिस स्वयं सुरक्षित नहीं है तो जनता का क्या हाल होगा।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / महेंद्र तिवारी

