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एसजीपीजीआई के चिकित्सकों ने जटिल हिप सर्जरी कर महिला को दिया जीवनदान

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एसजीपीजीआई के चिकित्सकों ने जटिल हिप सर्जरी कर महिला को दिया जीवनदान


लखनऊ, 21 जनवरी (हि.स.)। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) लखनऊ के अस्थि रोग और एनेस्थिसियोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने एक बेहद चुनौतीपूर्ण मामले में 140 किलोग्राम से अधिक वजन वाली महिला के कूल्हे (फीमर नेक) के फ्रैक्चर का सफल ऑपरेशन किया है। 50 वर्षीय यह महिला मोटापे के साथ-साथ थायराइड, उच्च रक्तचाप और ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एप्निया जैसी गंभीर बीमारियों से ग्रसित थी और सांस लेने के लिए सीपैक (CPAP) मशीन पर निर्भर थी। अधिक वजन और उच्च जोखिम के कारण कई अस्पतालों ने इस सर्जरी से मना कर दिया था लेकिन एसजीपीजीआई के विशेषज्ञों ने इस चुनौती को स्वीकार किया।

अस्थि रोग विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. कुमार केशव और एनेस्थिसियोलॉजी विभाग की एडिशनल प्रोफेसर डॉ. वंश प्रिय के नेतृत्व में इस जटिल प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। डॉ. कुमार केशव की सर्जिकल टीम में डॉ. उत्कर्ष, डॉ. अर्पण, डॉ. राजेश, डॉ. योगेश और स्क्रब नर्स अंकित शामिल थे। डॉ. कुमार केशव ने बताया कि सर्जरी के दौरान अत्यधिक वसा के कारण फ्रैक्चर तक पहुँचना और रक्तस्राव को रोकना एक बड़ी चुनौती थी।

एनेस्थीसिया टीम के लिए भी यह केस तकनीकी रूप से अत्यंत कठिन था। डॉ. वंश प्रिय के नेतृत्व में डॉ. रुमित और डॉ. निकिता ने जनरल एनेस्थीसिया के जोखिम से बचने के लिए अति अध्याधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन की मदद से 150 मिमी लंबी विशेष सुई का उपयोग कर स्पाइनल एनेस्थीसिया दिया। डॉ. सुरुचि ने एनेस्थीसिया आईसीयू में समय रहते इस जटिलता को पहचाना और सफलतापूर्वक इलाज किया। अब मरीज के टांके कट चुके हैं और वह वॉकर के सहारे चलने में सक्षम है।

इस सफलता पर डॉ. कुमार केशव ने बताया कि संतुलित पोषण और नियमित व्यायाम के माध्यम से जीवनशैली को स्वस्थ रखकर हड्डियों और जोड़ों की बीमारियों से बचा जा सकता है।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन