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श्रीकृष्ण जन्मभूमि में संपन्न हुआ सप्तदिवसीय भव्य गिरिराज महोत्सव एवं गुरु पूर्णिमा पर्व

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श्रीकृष्ण जन्मभूमि में संपन्न हुआ सप्तदिवसीय भव्य गिरिराज महोत्सव एवं गुरु पूर्णिमा पर्व


- जन्मभूमि में व्यासपूर्णिमा पर पूजा अर्चना करते हुए

मथुरा, 29 जुलाई (हि.स.)। श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर बुधवार, गुरु पूर्णिमा (मुड़िया पूनों) महोत्सव और सप्त दिवसीय श्री गिरिराज पूजा महोत्सव अत्यंत भव्यता और धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। श्रीकृष्ण-जन्मस्थान सेवा-संस्थान के तत्वावधान में आयोजित इस ऐतिहासिक आयोजन में देश-विदेश से पधारे लाखों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। महोत्सव के अंतर्गत जन्मस्थान पर विराजमान श्रीगिरिराज महाराज का भव्य पंचामृत महाभिषेक किया गया।

बुधवार शाम संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि भक्तों ने दूध, दही, घी, शर्करा, मधु, सुगन्धित द्रव्यों और केसर से भगवान का अभिषेक किया। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर भगवान श्रीकेशवदेवजी एवं श्रीगिरिराज जी महाराज को भव्य एवं विशाल छप्पनभोग अर्पित किए गए।

सैकड़ों कारीगरों ने 9-10 दिन के अथक परिश्रम से इस दिव्य छप्पनभोग की सामग्री तैयार की थी। इसके साथ ही 23 जुलाई से प्रारंभ हुई सात दिवसीय भंडारा-प्रसाद सेवा में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

महर्षि वेद व्यासजी की पूजा-अर्चना गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भागवत भवन में विराजित महर्षि वेद व्यास जी का पंचोपचार पूजन संस्थान के सचिव कपिल शर्मा एवं सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी द्वारा किया गया। इस दौरान घंटे-घड़ियाल, झांझ, मजीरे और मृदंग की मंगल ध्वनि के बीच आरती संपन्न हुई। लीलामंच प्रांगण में ब्रज की सुविख्यात भजन गायिका शालिनी शर्मा एवं भोपाल की गुंजन तिवारी द्वारा ठाकुरजी के प्रिय भजनों की प्रस्तुति दी गई।

इस सप्तदिवसीय महोत्सव का समापन भगवान की 108 दीपों से भव्य एवं अलौकिक आरती के साथ हुआ। इस संपूर्ण आयोजन को सफल बनाने में श्रीकृष्ण संकीर्तन मण्डल के पदाधिकारियोंकृश्री अनिलभाई, कन्हैयालाल रंगवाले, पंकज अग्रवाल, प्रदीप हाई, ब्रजकिशोर, महेन्द्र प्रताप, रमाकान्त अग्रवाल सहित समस्त सेवाभावी सदस्यों और संस्थान के अधिकारियों व कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।--------

हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार