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सेवा ही सच्चा संस्कार है, जो व्यक्ति को समाज से जोड़कर उसे श्रेष्ठ बनाता है : रीना त्रिपाठी

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सेवा ही सच्चा संस्कार है, जो व्यक्ति को समाज से जोड़कर उसे श्रेष्ठ बनाता है : रीना त्रिपाठी


सेवा ही सच्चा संस्कार है, जो व्यक्ति को समाज से जोड़कर उसे श्रेष्ठ बनाता है : रीना त्रिपाठी


सेवा ही सच्चा संस्कार है, जो व्यक्ति को समाज से जोड़कर उसे श्रेष्ठ बनाता है : रीना त्रिपाठी


गोरखपुर, 27 मार्च (हि.स.)। गंगोत्री देवी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन आज उत्साह, संवेदना और सांस्कृतिक रंगों से भरे वातावरण में हुआ। सात दिनों तक चले इस शिविर ने छात्राओं को समाज सेवा के साथ-साथ जिम्मेदारी, अनुशासन और नेतृत्व का व्यावहारिक अनुभव दिया।

समापन समारोह में मुख्य अतिथि रीना त्रिपाठी ने अपने उद्बोधन में कहा कि सेवा का भाव ही व्यक्ति को समाज से जोड़ता है और उसे एक बेहतर इंसान बनाता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के शिविर छात्राओं को जीवन की वास्तविकताओं से परिचित कराते हैं और उनमें संवेदनशीलता तथा जिम्मेदारी का विकास करते हैं।

विशिष्ट अतिथि आशुतोष मिश्र ने छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि शिविर में सीखी गई बातें तभी सार्थक होंगी, जब उन्हें दैनिक जीवन में उतारा जाए। उन्होंने कहा कि समाज में परिवर्तन छोटे-छोटे प्रयासों से ही शुरू होता है और हर व्यक्ति इसमें अपनी भूमिका निभा सकता है।

अध्यक्षीय सम्बोधन में प्राचार्य डॉ. गौरी पांडेय ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना छात्राओं के व्यक्तित्व को निखारने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि अनुशासन, टीमवर्क और सामाजिक चेतना इस शिविर की सबसे बड़ी उपलब्धियां रही हैं। उन्हाेंने कहा कि यह शिविर सात दिनों के कार्यक्रम के साथ छात्राओं के भीतर सेवा, जागरूकता और जिम्मेदारी की एक स्थायी शुरुआत है, जिसकी गूंज आने वाले समय में समाज में सकारात्मक बदलाव के रूप में दिखाई देगी।

शिविर के दौरान छात्राओं ने गांवों और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण और शिक्षा प्रसार जैसे कार्य किए। समापन अवसर पर इन गतिविधियों की झलक प्रस्तुत की गई, जिसे सभी ने सराहा। समारोह का खास आकर्षण रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे। गीत, नृत्य, नाट्य प्रस्तुतियों के साथ-साथ कव्वाली ने पूरे माहौल को ऊर्जावान बना दिया। छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया और सामाजिक एकता, सद्भाव तथा सांस्कृतिक समरसता का संदेश दिया।

कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रत्या उपाध्याय और डॉ. प्रियंका त्रिपाठी के निर्देशन में शिविर का संचालन किया। इस अवसर पर डॉ. संगीता पांडेय,डॉ. शीला त्रिपाठी के साथ सोनिया, शालू, स्नेहा, प्राची, अनीता एवं अन्य स्वयंसेविकाएं उपस्थित रहीं।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय