home page

मॉडल फार्म पर दिखेगा वैज्ञानिक खेती से उपज और मुनाफे का अंतर : महेंद्र सिंह तंवर

 | 
मॉडल फार्म पर दिखेगा वैज्ञानिक खेती से उपज और मुनाफे का अंतर : महेंद्र सिंह तंवर


कानपुर, 21 अक्टूबर (हि.स.)। किसानों को वैज्ञानिक खेती के फायदे दिखाने के लिए जिले में दो मॉडल फार्म विकसित किए जाएंगे। इनमें पारंपरिक और वैज्ञानिक पद्धति से उत्पादन तथा नकदी फसलों से होने वाली आय की तुलना होगी। कानपुर के जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बुधवार को विकास भवन में किसान दिवस की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को मॉडल फार्म तैयार कराने और खाद की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

पहले मॉडल फार्म में एक खेत को दो बराबर हिस्सों में बांटकर गेहूं की खेती कराई जाएगी। एक हिस्से में किसान पारंपरिक तरीके से फसल उगाएगा, जबकि दूसरे में वैज्ञानिक तकनीकों का इस्तेमाल होगा। फसल तैयार होने पर दोनों हिस्सों के उत्पादन की तुलना की जाएगी। इससे किसानों को वैज्ञानिक खेती से होने वाले लाभ की जानकारी मिलेगी। जरूरत पड़ने पर वैज्ञानिक पद्धति से खेती का खर्च संबंधित विभाग वहन करेगा।

दूसरे मॉडल फार्म में आधी भूमि पर पारंपरिक फसल और बाकी हिस्से में मौसमी सब्जियां, फूल तथा अन्य नकदी फसलें उगाई जाएंगी। उपलब्ध संसाधनों के अनुसार मशरूम उत्पादन, मत्स्य पालन और बत्तख पालन का प्रदर्शन भी किया जाएगा। इन गतिविधियों की लागत, उत्पादन और शुद्ध आय का आकलन होगा, ताकि किसान लाभकारी विकल्प चुन सकें।

जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने जिला कृषि अधिकारी को यूरिया, डीएपी और एनपीके की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। खाद की खेप मिलते ही सहकारी समितियों तक पहुंचाई जाए। स्टॉक और वितरण की प्रतिदिन निगरानी हो तथा कम भंडार वाली समितियों की समीक्षा की जाए। खाद संबंधी शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। जनपद में बफर स्टॉक अधिकतम 100 मीट्रिक टन रखने को कहा गया। उन्होंने निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर खाद बेचने और उसके साथ दूसरे उत्पाद खरीदने के लिए किसानों को मजबूर करने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

किसान दिवस में चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने उन्नत खेती की जानकारी दी। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सरकारी योजनाओं और सुविधाओं से किसानों को अवगत कराया। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन, उपनिदेशक कृषि डॉ. आरएस वर्मा, जिला कृषि अधिकारी अरुणेश सिंह और जिला उद्यान अधिकारी नरेश कुमार उत्तम सहित अधिकारी, वैज्ञानिक और किसान मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप