home page

महाप्रबंधक ने अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत चल रहे पुनर्विकास कार्यों को देखा

 | 
महाप्रबंधक ने अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत चल रहे पुनर्विकास कार्यों को देखा


महाप्रबंधक ने अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत चल रहे पुनर्विकास कार्यों को देखा


देवरिया, 09 अप्रैल (हि.स.) । पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक उदय बोरवणकर ने गोरखपुर-मऊ रेलखंड का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण करते हुए अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत विभिन्न स्टेशनों पर चल रहे पुनर्विकास कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ मंडल रेल प्रबंधक वाराणसी आशीष जैन सहित मुख्यालय व मंडल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

निरीक्षण की शुरुआत गोरखपुर से विशेष ट्रेन द्वारा हुई। इस दौरान गौरी बाजार-बैतालपुर रेलखंड पर स्थित समपार संख्या 136 बी1 पर बन रहे लिमिटेड हाइट सबवे का निरीक्षण किया गया। महाप्रबंधक ने निर्माण कार्यों को समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।

इसके बाद टीम देवरिया सदर रेलवे स्टेशन पहुंची, जहां अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे पुनर्विकास कार्यों की समीक्षा की गई। महाप्रबंधक ने सर्कुलेटिंग एरिया, प्लेटफॉर्म, यात्री प्रतीक्षालय, आरक्षण केंद्र सहित यात्री सुविधाओं का निरीक्षण किया और ब्लूप्रिंट के माध्यम से प्रस्तावित कार्यों का अवलोकन किया।

निरीक्षण के क्रम में अहिल्यापुर हाल्ट स्टेशन पर प्रस्तावित गुड्स शेड का भी स्थलीय निरीक्षण किया गया। इसके बाद भटनी जंक्शन, सलेमपुर और बेल्थरा रोड स्टेशनों पर पहुंचकर वहां के प्लेटफॉर्म, टिकट काउंटर, प्रतीक्षालय व अन्य सुविधाओं की जांच की गई। सभी स्थानों पर चल रहे पुनर्विकास कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का आंकलन करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। सलेमपुर यार्ड में समपार फाटक संख्या-07 का सेफ्टी निरीक्षण किया, जबकि बेल्थरा रोड यार्ड में प्वाइंट्स की तकनीकी जांच की गई। निरीक्षण के दौरान कीड़ीहरापुर-इंदारा खंड में समपार संख्या 29C गेट और टोंस नदी पर बने मेजर ब्रिज संख्या 72 का भी गहन निरीक्षण किया गया, जहां संरक्षा मानकों की समीक्षा की गई।

महाप्रबंधक ने सभी सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे कार्यों को तय समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक