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विपक्ष की सोच असामाजिक' और 'महिला विरोधी': डॉ संजय निषाद

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विपक्ष की सोच असामाजिक' और 'महिला विरोधी': डॉ संजय निषाद


सुलतानपुर, 18 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने सुलतानपुर में महिला आरक्षण विधेयक को लेकर विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। शनिवार को नगर के डाक बंगले में पत्रकारों से बात करते हुए संजय निषाद ने कहा कि विपक्ष ने इस ऐतिहासिक विधेयक का विरोध कर अपनी संकुचित मानसिकता का प्रदर्शन किया है।

डॉ. निषाद ने तर्क दिया कि मातृ शक्ति ने ही संसार में लोगों को जन्म दिया है और देश की आजादी से लेकर राष्ट्र निर्माण तक महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि समाज ने सदियों से महिलाओं को उपेक्षित रखा था और संविधान ने उन्हें इस उपेक्षा के कर्ज को उतारने का अवसर दिया था। हालांकि, विपक्ष ने अपनी महिला विरोधी सोच के कारण इस अवसर को गंवा दिया।

श्री निषाद ने कहा कि हर 20 साल में परिसीमन की प्रक्रिया होती है और अब इसका सही समय आ गया था। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश की महिलाएं आगामी चुनावों में विपक्ष को उनकी इस नकारात्मक सोच का उचित जवाब देंगी। उन्होंने सवाल उठाया कि जो दल अन्य वर्गों की बात करते हैं, वे पिछड़ों और वंचितों की महिलाओं की आवाज क्यों नहीं बन रहे हैं।

डॉ. निषाद ने विधेयक के विरोध को आधी आबादी के सम्मान के विरुद्ध बताया। उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनावों में महिलाएं इस मुद्दे पर अपना फैसला सुनाएंगी। मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष समाज के अंतिम पायदान पर खड़ी महिलाओं का उत्थान कभी नहीं चाहता।

समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर उठाए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए डॉ. निषाद ने कहा कि 2017 से पहले की स्थिति और वर्तमान स्थिति में जमीन-आसमान का अंतर है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में संगठित अपराध और दबंगई का बोलबाला था, जो अब समाप्त हो चुका है।

डॉ. निषाद ने एससी/एसटी आरक्षण के भीतर आरक्षण (उप-वर्गीकरण) को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि आरक्षण का लाभ समाज के सबसे पिछड़े और जरूरतमंद लोगों तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने 'मझवार' जाति के आरक्षण के मुद्दे पर कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस संबंध में केंद्र को पत्र लिखा है और वे निषाद समाज को उनका हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

उन्होंने अपनी (भाजपा)सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि निषाद समाज के बच्चों की पढ़ाई, इलाज और बेटियों की शादी के लिए आर्थिक मदद दी जा रही है। मत्स्य पालन और अन्य व्यवसायों के लिए 60 प्रतिशत सब्सिडी और कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दयाशंकर गुप्त