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संत प्रेमानंद की अपील: मथुरा-वृंदावन में पूरी तरह प्रतिबंधित हो मांस-मदिरा

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संत प्रेमानंद की अपील: मथुरा-वृंदावन में पूरी तरह प्रतिबंधित हो मांस-मदिरा


मथुरा, 09 मई(हि.स.)। संत प्रेमानंद महाराज ने ब्रजक्षेत्र को मांस और मदिर से मुक्त करने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि पूरा ब्रजक्षेत्र पवित्र स्थल है। इसे पवित्र ही रहना चाहिए। इतना तो होना ही चाहिए कि वृंदावन, मथुरा समेत पूरे ब्रजक्षेत्र में मांस और मदिरा की बिक्री प्रतिबंधित रहे।

इस संबंध में प्रेमानंद महाराज का एक वीडियो इंटरनेट पर शनिवार सामने आया है। वायरल वीडियो में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि मथुरा, वृंदावन और संपूर्ण ब्रजक्षेत्र में मांस व मदिरा की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगना चाहिए। प्रेमानंद ने कहा कि ब्रज श्रीराधा-कृष्ण की लीलाभूमि है। इस पावन धरा की मर्यादा बनाए रखने के लिए इसे व्यसनों से मुक्त करना अनिवार्य है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि ऐसी व्यवस्था की जाए जिससे ब्रज के किसी भी कोने में मांस-मदिरा न बिके।

गौरतलब हो कि संत प्रेमानंद की इस अपील को अन्य धार्मिक गुरुओं का भी साथ मिल रहा है। पिछले वर्ष नवंबर में बागेश्वरधाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी अपनी पदयात्रा के दौरान इसी तरह की मांग उठाई थी। उन्होंने विशेष रूप से संत प्रेमानंद के रात्रिकालीन पदयात्रा मार्ग में शराब की दुकानों की उपस्थिति पर आपत्ति जताई थी, जिसे उन्होंने करोड़ों सनातनियों की आस्था पर चोट बताया था। सोशल मीडिया पर जारी वीडियों में संत प्रेमानंद महाराज ने कहा है कि यह ब्रजभूमि पवित्र स्थल हैं, इन्हें पवित्र ही रहने दिया जाए। जब पूरा ब्रजक्षेत्र इन वर्जित वस्तुओं से मुक्त होगा, तभी इसकी वास्तविक दिव्यता बनी रहेगी।

शनिवार ब्रज क्षेत्र में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और स्थानीय भक्तों के बीच इस बयान की भारी चर्चा है। संत समाज का मानना है कि ब्रज की परिक्रमा और दर्शन तभी पूर्णतः सात्विक हो सकते हैं जब पूरे क्षेत्र का वातावरण धार्मिक भावनाओं के अनुरूप हो।

हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार