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साईं भजनों की रसधार में डूबा देवा मेला, उमाशंकर महाराज ने बांधा समां

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साईं भजनों की रसधार में डूबा देवा मेला, उमाशंकर महाराज ने बांधा समां


बाराबंकी, 30 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में देवा मेला एवं प्रदर्शनी की सांस्कृतिक संध्या शुक्रवार को साईं भक्ति के नाम रही। सुप्रसिद्ध भजन गायक उमाशंकर महाराज ने अपनी मधुर आवाज और भावपूर्ण प्रस्तुतियों से ऐसा भक्तिमय माहौल बनाया कि पूरा पंडाल साईंमय हो गया। उनके भजनों पर श्रद्धालु देर तक झूमते रहे और तालियों से कलाकार का उत्साह बढ़ाते रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत साईं बाबा की महिमा के गुणगान से हुई। उमाशंकर महाराज ने 'साईं तेरी दया का मुझे दान मिल रहा है, जाता हूं मैं जिधर भी सम्मान मिल रहा है' भजन प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। इसके बाद 'मुझे अब डर नहीं है किसी और से, मेरे बाबा खड़े हैं मेरी ओर से' की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं में भक्ति और विश्वास का संचार किया।

उन्होंने 'यह कैसी लगन बाबा तुमने हमको लगा दी है, घर-बार तो चीज है क्या सारी दुनिया भुला दी है' भजन के जरिए साईं के प्रति समर्पण का भाव प्रस्तुत किया। वहीं 'आते-जाते हुए गुनगुनाया करो, साईं बोला करो, साईं गाया करो' की प्रस्तुति पर श्रोता भक्ति के रंग में सराबोर नजर आए।

उमाशंकर महाराज की प्रस्तुतियों में मधुर संगीत और भक्ति भाव का सुंदर संगम देखने को मिला। हर भजन के बाद पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठता था। उनकी गायकी ने श्रोताओं को आध्यात्मिक अनुभूति से जोड़ दिया। साईं भजनों की इस सुरमयी शाम ने देवा मेले की सांस्कृतिक संध्या को यादगार बना दिया। कार्यक्रम के अंत तक श्रद्धालु भक्ति संगीत की धुनों पर झूमते और साईं बाबा का गुणगान करते रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज कुमार चतुवेर्दी