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युवा अपने जीवन में राष्ट्रभाव को करें आत्मसात, समाज के प्रति समझें अपनी जिम्मेदारी : मुकुल कानिटकर

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युवा अपने जीवन में राष्ट्रभाव को करें आत्मसात, समाज के प्रति समझें अपनी जिम्मेदारी : मुकुल कानिटकर


युवा अपने जीवन में राष्ट्रभाव को करें आत्मसात, समाज के प्रति समझें अपनी जिम्मेदारी : मुकुल कानिटकर


युवा अपने जीवन में राष्ट्रभाव को करें आत्मसात, समाज के प्रति समझें अपनी जिम्मेदारी : मुकुल कानिटकर


युवा अपने जीवन में राष्ट्रभाव को करें आत्मसात, समाज के प्रति समझें अपनी जिम्मेदारी : मुकुल कानिटकर


युवा अपने जीवन में राष्ट्रभाव को करें आत्मसात, समाज के प्रति समझें अपनी जिम्मेदारी : मुकुल कानिटकर


युवा अपने जीवन में राष्ट्रभाव को करें आत्मसात, समाज के प्रति समझें अपनी जिम्मेदारी : मुकुल कानिटकर


युवा अपने जीवन में राष्ट्रभाव को करें आत्मसात, समाज के प्रति समझें अपनी जिम्मेदारी : मुकुल कानिटकर


युवा अपने जीवन में राष्ट्रभाव को करें आत्मसात, समाज के प्रति समझें अपनी जिम्मेदारी : मुकुल कानिटकर


युवा अपने जीवन में राष्ट्रभाव को करें आत्मसात, समाज के प्रति समझें अपनी जिम्मेदारी : मुकुल कानिटकर


गोरखपुर, 20 अप्रैल (हि.स.)। संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, गोरखपुर महानगर उत्तर भाग द्वारा बीआरडी मेडिकल कॉलेज परिसर में “राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका” विषय पर एक भव्य युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं, स्वयंसेवकों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने इसे एक प्रेरणादायी और सार्थक आयोजन बना दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ अखिल भारतीय प्रचार टोली के सदस्य मुकुल कानिटकर, गोरक्ष प्रांत संघचालक डॉ. महेंद्र अग्रवाल, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राम कुमार तथा सह भाग कार्यवाह राजेश द्वारा भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्प अर्पण के साथ किया गया।

मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए मुकुल कानिटकर ने कहा कि संघ का कार्य केवल संगठन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण की सतत साधना है, जिसमें युवाओं की भूमिका केंद्रीय और निर्णायक है। उन्होंने कहा कि आज के बदलते समय में युवाओं को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग होकर राष्ट्रहित में सक्रिय भागीदारी निभानी होगी।

उन्होंने युवाओं की परिभाषा स्पष्ट करते हुए कहा कि “युवा वही है जो स्वप्न देखता है और उन्हें साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहता है।” उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास साक्षी है—जब-जब देश और समाज पर संकट आया है, तब-तब युवाओं ने सेवा, समर्पण और संघर्ष के बल पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

अपने उद्बोधन में उन्होंने वर्तमान समय की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भागदौड़ भरी जीवनशैली और बाजारीकरण के प्रभाव ने युवाओं को उनके मूल उद्देश्य से भटका दिया है। ऐसे में आवश्यक है कि युवा अपने जीवन में राष्ट्रभाव को आत्मसात करें और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझें।

कानिटकर ने संघ के शताब्दी वर्ष के संदर्भ में बताया कि अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ने के लिए देशभर में युवा संवाद और सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे नए वर्ग के लोग भी संघ कार्य से जुड़ रहे हैं।

उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को भी राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण अंग बताते हुए पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाने जैसे प्रयासों पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यदि समाज संगठित होकर एक दिशा में कार्य करे, तो निश्चित रूप से सकारात्मक परिवर्तन संभव है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राम कुमार ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में राष्ट्र के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं, जो समाज के समग्र विकास के लिए आवश्यक है।

कार्यक्रम का संचालन बहन प्राथिला ने किया, जबकि प्रस्ताविकी डॉ. अखिलेश्वर द्वारा प्रस्तुत की गई।

इस अवसर पर प्रांत संघचालक डॉ. महेंद्र अग्रवाल, सह भाग कार्यवाह संतोष पांडेय, मुख्य मार्ग प्रमुख प्रवीण, जिला प्रचारक आशुतोष, सह भाग कार्यवाह राजेश, डॉ. पी. एन. सिंह, डॉ. स्वाति, डॉ. साक्षी, मोनिका अग्रवाल, डॉ. हरिश्चंद्र सहित अनेक स्वयंसेवक, युवा नागरिक एवं मातृशक्ति की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का समापन वंदे मातरम् के सामूहिक गान के साथ हुआ।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय