home page

संघ का कार्य ईश्वरीय कार्य है : स्वांत रंजन

 | 
संघ का कार्य ईश्वरीय कार्य है : स्वांत रंजन


संघ का कार्य ईश्वरीय कार्य है : स्वांत रंजन


सुलतानपुर, 26 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जिला सुलतानपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर एस एस) के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वान्त रंजन ने मुख्य अतिथि के रूप मे स्वयंसेवकों को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि संघ का कार्य ईश्वरीय कार्य है। भगवान का कार्य सरल नहीं अपितु कठिन होता है।

संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कुशभवनपुर द्वारा नगर के सरस्वती विद्या मंदिर विवेकानंद नगर में रविवार की शाम शारीरिक प्रदर्शन का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि श्री रंजन ने आगे कहा कि डाॅ0 हेडगेवार ने 1925 में हिन्दू समाज को संगठित करने के लिए एक अभिनव शाखा पद्धति का विकास किया। वे बहुत तेजस्वी भाषण देते थे। जिसके कारण उन्हें जेल भी जाना पड़ा। प्रारम्भ में डा0 साहब खण्डहरनुमा स्थान पर बच्चों के साथ खेल आदि कार्यक्रम करते थे। जैसे नदी के उद्गम स्थल पर उसकी धारा छोटी दिखाई देती है, लेकिन जैसे-जैसे आगे बढ़ती जाती है, वह एक विशाल रूप ले लेती है। उसी प्रकार से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ भी अपने छोटे स्वरूप से प्रारम्भ होकर आज एक विशाल वटवृक्ष के रूप में भारतवर्ष के सभी खण्डों ,ग्रामों तक शाखाओं का विस्तार हो चुका है। समाज की आवश्यकता अनुशासन में मिलकर काम करने की है। परम पूज्य गुरु जी ने कहा जो समाज हमारे ऊपर अत्याचार कर रहा है, उसे गलत बातें बताई गई हैं। उन्हें भ्रमित किया गया है। इस कारण स्वयं सेवकों को बार-बार कठिन परीक्षाएं देनी पड़ी।

इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने सामूहिक पद विन्यास, दंडयोग, नियुद्ध , सामूहिक समता,खेल , योगासन आदि का घोषवादन के साथ प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विभाग संघ चालक डॉ0 अरुण कुमार ने किया । इस अवसर पर विभाग प्रचारक श्रीप्रकाश, विभाग कार्यवाह नवीन, प्रांत सह शारीरिक शिक्षण प्रमुख गोकुल, कृष्ण मोहन, माता प्रसाद, जिला प्रचारक आशीष, डॉ विनोद सिंह, डॉ राधाकृष्ण, राकेशमणि आदि उपस्थित रहे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / दयाशंकर गुप्त