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किसान और व्यापारी एक-दूसरे के पूरक, चौधरी चरण सिंह की नीतियों को आगे बढ़ाना समय की आवश्यकता : रोहित अग्रवाल

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किसान और व्यापारी एक-दूसरे के पूरक, चौधरी चरण सिंह की नीतियों को आगे बढ़ाना समय की आवश्यकता : रोहित अग्रवाल


लखनऊ, 28 मई (हि.स.)। पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर गुरुवार को राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित अग्रवाल ने कहा कि चौधरी चरण सिंह को केवल किसान नेता के रूप में सीमित कर देखना उनकी व्यापक आर्थिक सोच के साथ अन्याय है। वास्तविकता यह है कि चौधरी चरण सिंह गांव, किसान, छोटे व्यापार और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को एक साथ मजबूत करने के पक्षधर थे।

उन्होंने कहा कि वर्षों से समाज में यह भ्रम फैलाया गया कि चौधरी चरण सिंह व्यापारी वर्ग के विरोधी थे, जबकि उनका विरोध केवल बड़े एकाधिकारवादी औद्योगिक ढांचे से था। चौधरी साहब का स्पष्ट मानना था कि देश की आर्थिक मजबूती का आधार कृषि आधारित उद्योग, स्थानीय व्यापार और मजबूत मंडी व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने हमेशा किसान और व्यापारी को एक-दूसरे का सहयोगी माना।

रोहित अग्रवाल ने अपने बयान में कहा कि चौधरी चरण सिंह की नीतियों के कारण ही देश में कृषि मंडियों को मजबूती मिली और ग्रामीण बाजारों का विस्तार हुआ। उनका सपना था कि किसान को उसकी उपज का उचित मूल्य मिले तथा व्यापारी वर्ग को सम्मानजनक और सुरक्षित व्यापारिक वातावरण प्राप्त हो। उन्होंने ऐसी आर्थिक व्यवस्था की परिकल्पना की थी जिसमें गांव आत्मनिर्भर बनें और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिले।

उन्होंने कहा कि समय के साथ चौधरी चरण सिंह की मूल सोच को राजनीतिक सीमाओं में बांध दिया गया, जिससे किसान और व्यापारी वर्ग के बीच अनावश्यक दूरी पैदा हुई। जबकि वास्तविकता यह है कि किसान की समृद्धि से व्यापार मजबूत होता है और व्यापार की मजबूती से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलती है।

रोहित अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में राष्ट्रीय लोकदल और भारतीय जनता पार्टी का गठबंधन चौधरी चरण सिंह की मूल आर्थिक नीतियों को व्यवहारिक रूप देने का बेहतर अवसर है। राष्ट्रीय लोकदल का प्रयास रहेगा कि कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन मिले, ग्रामीण व्यापारिक संरचना मजबूत हो और किसान तथा व्यापारी वर्ग के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जाए।

उन्होंने कहा कि भविष्य में भी प्रयास रहेगा कि ऐसी नीतियां आगे बढ़ें जो किसान और व्यापारी दोनों वर्गों के हितों की रक्षा करें तथा समाज में दोनों वर्गों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग को मजबूत करें। यही चौधरी चरण सिंह के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा