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राज्यपाल की अध्यक्षता में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों की जन भवन में हुई समीक्षा बैठक

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राज्यपाल की अध्यक्षता में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों की जन भवन में हुई समीक्षा बैठक


राज्यपाल की अध्यक्षता में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों की जन भवन में हुई समीक्षा बैठक


लखनऊ, 16 अप्रैल (हि.स.)। प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में गुरूवार को बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी से संबद्ध शासकीय एवं वित्त पोषित महाविद्यालयों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में विश्वविद्यालय से सम्बद्ध कुल 24 राजकीय महाविद्यालयों एवं 13 अनुदानित महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने प्रतिभाग किया। इनमें जनपद बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट, जालौन, झांसी, ललितपुर एवं महोबा के शासकीय एवं वित्तपोषित महाविद्यालय सम्मिलित रहे।

बैठक के दौरान महाविद्यालयों द्वारा विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया गया, जिसमें संचालित पाठ्यक्रमों, छात्र-शिक्षक संख्या, छात्र-शिक्षक अनुपात, शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की उपलब्धता, स्वीकृत पदों के सापेक्ष कार्यरत कार्मिकों की स्थिति, आधारभूत संरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर), स्मार्ट क्लास, प्रयोगशालाओं की व्यवस्था, पेटेंट एवं शोध कार्य, पुस्तकालय की स्थिति, प्रकाशित पुस्तकों तथा विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सहभागिता, एल्युमिनाई सेल व खेल तथा अन्य विविध गतिविधियों से संबंधित विवरण प्रस्तुत किया गया।

बैठक में राज्यपाल ने महाविद्यालयों में रिक्त पदों, जर्जर भवनों एवं कम नामांकन जैसी समस्याओं पर चिंता व्यक्त करते हुए सुझाव दिया कि निकटवर्ती निजी महाविद्यालयों एवं डीम्ड विश्वविद्यालयों से समन्वय स्थापित कर संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जाए। महाविद्यालयों में शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक पदों की रिक्तियों पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने आवश्यकतानुसार आउटसोर्सिंग अथवा महाविद्यालय स्तर से पदों की रिक्तियों को न्यून करने के निर्देश दिये।

जिन महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं की संख्या कम है, वहां इसके कारणों का विश्लेषण कर नामांकन बढ़ाने हेतु प्रभावी रणनीति अपनाने को कहा। उन्होंने डीम्ड विश्वविद्यालयों एवं अन्य संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर शैक्षणिक गतिविधियों को सशक्त बनाने पर बल दिया। छात्राओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते हुए राज्यपाल ने महाविद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं के नियमित हीमोग्लोबिन परीक्षण एवं वजन मापन कराने तथा कमजोर स्वास्थ्य वाली छात्राओं के लिए विशेष प्रयास किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने महाविद्यालयों में ‘गर्भ संस्कार‘ जैसे विषयों पर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

राज्यपाल ने पुस्तकालयों के प्रभावी उपयोग पर बल देते हुए कहा कि पुस्तकों की संख्या से अधिक महत्वपूर्ण यह है कि उनका उपयोग कितने विद्यार्थी व अध्यापकगण कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों द्वारा पढ़ी गई पुस्तकों का समीक्षा प्रस्तुत कराने की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने केजी टू पीजी की अवधारणा को रेखांकित करते हुए आंगनबाड़ी से उच्च शिक्षा तक सतत शैक्षणिक श्रृंखला विकसित करने तथा ड्रॉपआउट दर शून्य करने का आह्वान किया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों का उल्लेख करते हुए वर्ष 2030 तक 50 प्रतिशत युवाओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही, सभी पात्र बच्चों का समय पर नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. जितेन्‍द्र पाण्डेय