राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर शोध को नई दिशा : प्रो. विनय कुमार पाठक
कानपुर, 28 फरवरी (हि.स.)। विश्वविद्यालय में शोध संस्कृति को मजबूत करना हमारी प्राथमिकता है और एआई सहित नई तकनीकों का जिम्मेदारी के साथ उपयोग करते हुए परिणाम आधारित शोध को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि प्रतिभा पलायन रोका जा सके और नवाचारी प्रस्तावों को पूरे वर्ष वित्तपोषण मिलता रहे। यह बातें शनिवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कही।
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के प्रोजेक्ट एंड एक्सटर्नल रिसोर्स जनरेशन सेल द्वारा सेंटर फॉर एकेडमिक में शोध परियोजनाओं के लिए एक करोड़ 20 लाख रुपये का अनुदान वितरित किया गया। इस अवसर पर 61 शिक्षकों को सीवी रमन मेजर, माइनर व सीड ग्रांट के स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए, जिनमें 24 महिलाएं शामिल रहीं।
इस वर्ष की थीम “विकसित भारत के लिए महिलाओं को सशक्त बनाना” के अनुरूप नौ में से छह मेजर ग्रांट महिला वैज्ञानिकों को प्रदान किए गए। कार्यक्रम में डीन प्रोजेक्ट्स डॉ. अनुराधा कालानी ने परियोजना सेल की उपलब्धियां प्रस्तुत कीं। वित्त अधिकारी ने अनुदान राशि के जिम्मेदार उपयोग पर जोर दिया। जबकि आईक्यूएसी निदेशक ने स्कोपस और वेब ऑफ साइंस जैसे गुणवत्तापूर्ण शोध प्रकाशनों के महत्व को रेखांकित किया।
तकनीकी सत्र में नो योर सैंक्शन लेटर विषय पर जानकारी दी गई। अंत में एसोसिएट डीन डॉ. अजय के. गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम में सभी स्कूलों के निदेशक उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

