home page

डीडीयू विश्वविद्यालय : शासन ने 20 शोध परियोजनाओं के लिए 52 लाख का अनुदान किया स्वीकृत

 | 

गोरखपुर, 01 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा दीनदयाल उपाध्याय (डी.डी.यू.) गोरखपुर विश्वविद्यालय के लिए कुल 20 शोध परियोजनाओं (19 आर.एंड डी. और 1 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) को वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर विश्वविद्यालय परिवार में हर्ष का माहौल है।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह अनुदान हमारे शिक्षकों की शैक्षणिक विशेषज्ञता और शोध के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। शासन द्वारा स्वीकृत ये परियोजनाएं न केवल विज्ञान और तकनीक, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों जैसे 'नाथपंथी परंपराओं' के संरक्षण में भी मील का पत्थर साबित होंगी। हमारा लक्ष्य इन संसाधनों का उपयोग कर समाजोपयोगी नवाचारों को बढ़ावा देना और विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय शोध मानचित्र पर अग्रणी बनाना है।

स्वीकृत परियोजनाओं एवं मुख्य शोधकर्ताओं (PI) की सूची:

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) - भौतिक विज्ञान विभाग:

डॉ. प्रशांत शाही: हाई प्रेशर मेथड्स, सुपरकंडक्टिविटी और मैग्नेटिक मैटेरियल्स (अनुदान: ₹9,51,500).

रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) परियोजनाएं:

प्रो. उमेश यादव (Physics): ट्रिपल नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर हेतु ड्रग डिस्कवरी.

डॉ. गीता सिंह (Chemistry): खाद्य पदार्थों में कीटनाशक अवशेषों का अध्ययन.

डॉ. राकेश पांडेय (Botany): तराई क्षेत्र के औषधीय पौधों का पोषण मूल्य.

डॉ. सुनयना गौतम (Zoology): टाइप 2 डायबिटीज में न्यूरोप्रोटेक्शन का अध्ययन.

डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह (Zoology): नैनोकणों का मूल्यांकन और 'पुर्वांचल बोटेनिकल्स' का अध्ययन (दो परियोजनाएं).

डॉ. सुशील कुमार (Zoology): बायोपेस्टिसाइड्स का तुलनात्मक मूल्यांकन.

प्रो. शरद कुमार मिश्रा (Biotechnology): आर्सेनिक-प्रतिरोधी बैक्टीरिया का लक्षण वर्णन.

डॉ. मनीष प्रताप सिंह (Zoology): ब्रेस्ट कैंसर हेतु बायोमार्कर्स की पहचान.

डॉ. स्मृति मल्ल (Botany): बैंगन के रोगों के संचरण का अध्ययन.

डॉ. आलोक कुमार सिंह (Chemistry): CO2 रिडक्शन हेतु फोटोकैटलिटिक प्रक्रिया.

डॉ. पवन कुमार दोहरे (Biotechnology): सहजन के मधुमेह रोधी गुणों का अध्ययन.

डॉ. मणीन्द्र कुमार (Physics): सुपरकैपेसिटर हेतु बायोपॉलीमर इलेक्ट्रोलाइट्स.

डॉ. सुनील कुमार सिंह (Zoology): मछलियों पर कीटनाशकों का विषाक्त प्रभाव.

डॉ. इंद्रेश कुमार पांडेय (Chemistry): CO2 रिडक्शन हेतु लिगेंड्स का डिजाइन.

डॉ. अभय कुमार (Botany): अमरूद के अर्क की रोगाणुरोधी गतिविधि.

डॉ. प्रदीप कुमार राव (Chemistry): प्रदूषकों के ऑक्सीकरण का कम्प्यूटेशनल अध्ययन.

कुशल नाथ मिश्रा (नाथ शोधपीठ): नाथपंथी जीवंत परंपराओं का सर्वेक्षण.

डॉ. दीपक प्रसाद (Geography): गोमती नदी के तटीय क्षेत्रों का जोखिम मूल्यांकन.

डॉ. अनुपमा कौशिक (Home Science): कच्चे केले के आटे से बने स्वास्थ्य मिश्रण का मूल्यांकन।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय