प्रयागराज-नैनी के मध्य स्थित ऐतिहासिक यमुना पुल के शोर स्पैन का नवीनीकरण कार्य पूर्ण
प्रयागराज, 28 मार्च (हि.स.)। उत्तर मध्य रेलवे द्वारा आधारभूत संरचना के सुदृढ़ी करण और रेल संरक्षा की दिशा में एक और मील का पत्थर स्थापित किया गया है। प्रयागराज और नैनी स्टेशनों के मध्य स्थित ऐतिहासिक यमुना पुल (पुल सं 30) की अप एवं डाउन लाइनों के शोर स्पैन को नए स्टील गर्डर से बदलने का कार्य आज पूर्ण कर लिया गया है।
--ऐतिहासिक महत्व और उपयोगितावरिष्ठ जनसम्पर्क अधिकारी अमित मालवीय ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि यह पुल भारतीय रेल नेटवर्क का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो प्रयागराज को कोलकाता, चेन्नई और मुंबई जैसे देश के प्रमुख महानगरों से जोड़ने वाली एक अहम कड़ी के रूप में कार्य करता है।
उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक पुल का मूल उद्घाटन 15 अगस्त 1865 को हुआ और लाइन का दोहरीकरण वर्ष 1911 तथा री-गर्डरिंग वर्ष 1929 में हुआ। वर्ष 1911 में हुए दोहरीकरण के बाद से निरंतर सेवा दे रहे इस पुल की सुरक्षा और निर्बाध परिचालन को सुनिश्चित करने के लिए रेलवे द्वारा इसके पुराने शोर स्पैन को नए स्टील गर्डर से बदलने की स्वीकृति प्रदान की गई थी।
उन्होंने बताया कि यह अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य महाप्रबंधक, उत्तर मध्य रेलवे नरेश पाल सिंह के कुशल मार्गदर्शन एवं मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल के नेतृत्व में हुआ। इस जटिल इंजीनियरिंग कार्य के निष्पादन में उप मुख्य ब्रिज लाइन इंजीनियर आई.पी.एस. यादव एवं उनकी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही, मंडल के इंजीनियरिंग विभाग, परिचालन विभाग और बिजली विभाग के आपसी समन्वय और सहयोग से इस कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
पीआरओ ने बताया कि अप लाइन प्रथम शोर स्पैन की लॉन्चिंग 27 मार्च को की गई और डाउन लाइन द्वितीय शोर स्पैन की लॉन्चिंग का कार्य आज 28 मार्च को सम्पन्न हुआ। इस नवीनीकरण से इस व्यस्त रेल खंड पर भविष्य में ट्रेनों का परिचालन और अधिक सुरक्षित एवं तीव्र हो सकेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र

