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गणेश पूजन और नौ कन्याओं की आराधना के साथ निकली श्री श्री रुद्र महायज्ञ की भव्य कलश शोभायात्रा

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गणेश पूजन और नौ कन्याओं की आराधना के साथ निकली श्री श्री रुद्र महायज्ञ की भव्य कलश शोभायात्रा


गणेश पूजन और नौ कन्याओं की आराधना के साथ निकली श्री श्री रुद्र महायज्ञ की भव्य कलश शोभायात्रा


गणेश पूजन और नौ कन्याओं की आराधना के साथ निकली श्री श्री रुद्र महायज्ञ की भव्य कलश शोभायात्रा


गणेश पूजन और नौ कन्याओं की आराधना के साथ निकली श्री श्री रुद्र महायज्ञ की भव्य कलश शोभायात्रा


गणेश पूजन और नौ कन्याओं की आराधना के साथ निकली श्री श्री रुद्र महायज्ञ की भव्य कलश शोभायात्रा


गोरखपुर, 23 अक्टूबर (हि.स.)। जनपद के कुसम्ही क्षेत्र स्थित ग्रामसभा मठिया में शुक्रवार को नौ दिवसीय श्री श्री रुद्र महायज्ञ का शुभारंभ विधि-विधान से पूजा-अर्चना और भव्य कलश शोभायात्रा के साथ हुआ। महायज्ञ के शुभारंभ पर सर्वप्रथम विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश का पूजन किया गया। इसके बाद मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की प्रतीक नौ कन्याओं की विधिवत पूजा-अर्चना कर धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत की गई। हाथी-घोड़ों के साथ निकली भव्य शोभायात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। देवी-देवताओं के जयकारों और भक्तिमय वातावरण के बीच निकली यात्रा ने पूरे क्षेत्र को धर्ममय बना दिया।

शोभायात्रा में श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ शामिल हुए। निर्धारित मार्ग से गुजरते हुए यात्रा विभिन्न मंदिरों तक पहुंची, जहां देवी-देवताओं का विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। धार्मिक परंपराओं के अनुरूप पूजा-अर्चना संपन्न कराने के बाद श्रद्धालुओं का जत्था पुनः ग्रामसभा मठिया स्थित श्री श्री रुद्र महायज्ञ स्थल पर पहुंचा। इसके साथ ही नौ दिवसीय महायज्ञ के धार्मिक कार्यक्रमों का विधिवत शुभारंभ हुआ।

भगवान गणेश के पूजन से हुआ महायज्ञ का शुभारंभ

महायज्ञ के यज्ञाचार्य पंडित हरिश्चंद्र उपाध्याय ने बताया कि सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत भगवान श्री गणेश के पूजन से करने की परंपरा है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता माना जाता है। उनकी आराधना से धार्मिक अनुष्ठान निर्विघ्न संपन्न होने की कामना की जाती है। इसी मान्यता के अनुरूप महायज्ञ के शुभारंभ पर सर्वप्रथम भगवान गणेश का पूजन किया गया। इसके बाद नौ कन्याओं की पूजा-अर्चना कर देवी शक्ति की आराधना की गई।

उन्होंने बताया कि सनातन परंपरा में नौ कन्याओं को मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का प्रतीक माना जाता है। कन्या पूजन शक्ति की उपासना का महत्वपूर्ण अंग है। धार्मिक अनुष्ठानों में कन्याओं का पूजन कर सुख-समृद्धि, शांति, लोककल्याण और परिवार एवं समाज के मंगल की कामना की जाती है।

विभिन्न मंदिरों में हुआ विधि-विधान से पूजन-अर्चन

भव्य कलश शोभायात्रा ग्रामसभा मठिया से प्रारंभ होकर सबसे पहले रमवापुर स्थित भगवान भोलेनाथ के मंदिर पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद यात्रा महाराजी होते हुए हनुमान जी के मंदिर पहुंची, जहां पूजन-अर्चन किया गया। आगे पिपरा मुगलान स्थित मां काली के मंदिर में श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पूजा की।

इसके पश्चात शोभायात्रा रेलवे ढाला होते हुए मोटेश्वर नाथ मंदिर पहुंची। यहां भगवान शिव की आराधना के साथ मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती का पूजन किया गया। धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना संपन्न होने के बाद मां गंगा की प्रतिमा लेकर श्रद्धालु पिपराइच होते हुए गढ़वा उस्का पहुंचे। यहां हनुमान जी की पूजा की गई। इसके बाद यात्रा लखेसरा स्थित श्री श्याम शिवा भोलेनाथ मंदिर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन किया। यहां से सिंघोरिया होते हुए शोभायात्रा पुनः ग्रामसभा मठिया स्थित श्री श्री रुद्र महायज्ञ स्थल पर पहुंची।

विभिन्न मंदिरों में दर्शन-पूजन के दौरान श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना के बाद यज्ञ स्थल पहुंचने पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।

नौ दिनों तक चलेगा धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला

ग्रामसभा मठिया स्थित शिव मंदिर परिसर में आयोजित श्री श्री रुद्र महायज्ञ को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। नौ दिवसीय इस धार्मिक आयोजन के दौरान वैदिक अनुष्ठान, कथा-प्रवचन और रामलीला सहित विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजकों के अनुसार, इन कार्यक्रमों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को धर्म, अध्यात्म और भक्ति से जोड़ना तथा क्षेत्र में धार्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण को मजबूत करना है।

महायज्ञ के समापन अवसर पर 31 अक्टूबर को पूर्णाहुति होगी, जबकि एक नवंबर को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आयोजन को लेकर ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। ग्रामीणों के सहयोग से महायज्ञ स्थल पर तैयारियां की गई हैं, ताकि श्रद्धालु धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होकर पूजा-अर्चना कर सकें और यज्ञ का पुण्य लाभ प्राप्त कर सकें।

यज्ञाचार्य एवं सहयोगियों की देखरेख में आयोजन

महायज्ञ के यज्ञाचार्य पंडित हरिश्चंद्र उपाध्याय के साथ उनके सहयोगी आशुतोष त्रिपाठी, गया उपाध्याय, शिवम मिश्रा और शिवम उपाध्याय सहित अन्य श्रद्धालु आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। धार्मिक अनुष्ठानों की व्यवस्था से लेकर श्रद्धालुओं की सहभागिता तक, आयोजन से जुड़े लोग पूरे समर्पण के साथ जुटे हुए हैं।

इस अवसर पर ग्राम प्रधान चंद्रिका सिंह, सूरज जायसवाल, रामनारायण मल्ल, सरवन सिंह, बलिराम यादव, मंटू यादव, दुर्विजय यादव, सूरज नाथ सिंह, मदन सिंह, गिरधारी पाण्डेय, अशोक सिंह, रमेश सिंह, जोगिंदर मल्ल,जयदीप निषाद (पिंटू), रमेश सिंह, विकास सिंह, लखेंद्र गुप्ता, अमन सिंह, राजेश गुप्ता, नकुल यादव, अंगद निषाद, राजकुमार निषाद, विशाल चौधरी, सोनू चौधरी सहित अन्य ग्रामीण एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

श्री श्री रुद्र महायज्ञ के शुभारंभ के साथ ही ग्रामसभा मठिया और आसपास के क्षेत्रों में भक्ति एवं आस्था का वातावरण छा गया है।

हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय