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राहत शिविरों, बाढ़ नियंत्रण कक्षों को अभी से रखें सक्रिय : डीएम

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राहत शिविरों, बाढ़ नियंत्रण कक्षों को अभी से रखें सक्रिय : डीएम


देवरिया, 29 अप्रैल (हि.स.)। जिलाधिकारी दिव्या मित्तल की अध्यक्षता में विकास भवन के गांधी सभागार में बाढ़ स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक बुधवार को सम्पन्न हुई। बैठक में बाढ़ पूर्व तैयारियों के एक-एक बिंदुओं की गहन समीक्षा की गयी तथा तैयारियों को समयबद्ध तरीके से पूर्व में ही सुनिश्चित किये जाने के कड़े निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने इस कार्य में किसी भी लापरवाही के लिए चेताते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर कोई कमी पायी जायेगी तो जिम्मेदारी तय करते हुए कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ तटबंधों की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के साथ ही रेनकट व बंधों में शाही होल आदि को चिन्हित कर प्राथमिकता के साथ उसे ठीक कर लिये जायें। बाढ़ नियंत्रण से जुड़ी नई कार्य परियोजनाओं काे प्रत्येक दशा में निर्धारित समय के पूर्व ही उसे पूर्ण कर लिया जाये। आवश्यकता अनुरूप बोल्डर, जियोबैग एवं अन्य आवश्यक जरूरी सामानों की उपलब्धता भी रखे जाने का निर्देश अधिशासी अभियंता बाढ़ को उन्होंने दिए। नाव व नाविकों, गोताखोरों का भी चिन्हांकन कर उन्हें प्रत्येक दशा के लिए मुस्तैद रखने के भी निर्देश दिए। उनका भुगतान लंबित न रहे, इस पर भी विशेष रूप से ध्यान दिया जाये।

जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि उप जिलाधिकारी अपने क्षेत्र के तटबंधों व संवेदनशील स्थलों का भी निरीक्षण कर लें। आपदा राहत से जुड़े आवश्यक सामानों की टेंडर प्रक्रिया भी समयपूर्व ही पूर्ण कर लिये जाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि राहत शिविरों को भी चिन्हित कर लिये जाये तथा बाढ़ नियंत्रण कक्षों को अभी से ही सक्रिय रखा जाये तथा कर्मियों की ड्यूटी लगा दी जाये।

जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की समुचित व्यवस्था बनाये रखने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि हैंडपंपों का निरीक्षण कर लें, जो भी खराब हो उसे रिबाेर करा लें तथा उथले हैंडपंपों पर लाल निशान लगवायें कि इसका पानी लोग पीने के लिए प्रयोग न करें। दूषित जलों से बीमारियां फैलती हैं। पशुओं के चारे की व्यवस्था के तहत भूसा व साइलेज की उपलब्धता भी रखे जाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि नगर निकाय व पशुपालन विभाग टेंडर की प्रक्रिया में यह विशेष रूप से ध्यान देंगे कि इसमें एकरूपता बनी रहे। किसी प्रकार की कोई विसंगति न उत्पन्न हो। विद्युत विभाग को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लटके एवं ढीले तारों को चेक कर उसे ठीक कराये जाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं एवं टीकाकरण हेतु बच्चों को सूचीबद्ध किये जाने, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा मेडिकल टीम को सक्रिय रखने का भी निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिया। उन्होंने लाइफ जैकेट, एंटी स्नेक वेनम, राहत सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता बनाये रखने का भी निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ पूर्व की की गयी तैयारियां ही बाढ़ आने पर कार्य आती हैं, इसलिए सभी विभाग अपने से संबंधित कार्य आवश्यकताओं की योजना बना कर उस पर अभी से कार्य करें, ताकि संभावित बाढ़ की स्थिति में किसी प्रकार की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर शंकर ने बाढ़ के समय तटबंधों की सुरक्षा सहित अन्य आवश्यक पहलुओं पर पुलिस विभाग से संबंधित तैयारियों से अवगत कराया। अधिशासी अभियंता बाढ़ राधे श्याम प्रसाद ने बताया कि जनपद में 12 नई बाढ़ निरोधी कार्य परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है, जिसे 15 जून 2026 तक पूर्ण कर लिया जायेगा। जनपद में कुल 40 तटबंध हैं, जिनकी लंबाई 241.048 किलोमीटर है। इसके अलावा 56 ड्रेन लंबाई 734.78 किलोमीटर, 27 रेगुलेटर हैं। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सहित बाढ़ स्टीयरिंग ग्रुप से जुड़े अन्य अधिकारीगण आदि उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक