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शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन नहीं, अपितु व्यक्तित्व का समग्र विकास : डाॅ राममनोहर

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शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन नहीं, अपितु व्यक्तित्व का समग्र विकास : डाॅ राममनोहर


-क्षेत्रीय प्रश्न-पत्र निर्माण कार्यशाला का हुआ शुभारम्भ

प्रयागराज, 23 जून (हि.स)। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में सिविल लाइन्स स्थित ज्वाला देवी सरस्वती शिशु मंदिर में अखिल भारतीय विद्या भारती की योजना के अंतर्गत आयोजित क्षेत्रीय प्रश्नपत्र निर्माण कार्यशाला का शुभारम्भ मंगलवार को मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय सह संगठन मंत्री डॉ. राम मनोहर ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर बल देते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन नहीं, अपितु व्यक्तित्व का समग्र विकास है। उन्होंने छात्र-छात्राओं के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं नैतिक विकास के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला।

दिनेश कुमार सिंह ने आदर्शों एवं गुणवत्तापूर्ण प्रश्न-पत्र निर्माण के विभिन्न बिन्दुओं पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने कहा कि प्रश्न-पत्र ऐसा होना चाहिए जो विद्यार्थियों के ज्ञान, समझ, कौशल तथा चिंतन क्षमता का समुचित मूल्यांकन कर सके।विद्यालय के प्रधानाचार्य इन्द्रजीत त्रिपाठी ने अतिथियों का परिचय कराते हुए उनका सम्मान किया।

कार्यशाला में क्षेत्रीय सचिव दिनेश कुमार सिंह, प्रदेश निरीक्षक जन शिक्षा समिति काशी प्रान्त राजबहादुर दीक्षित, प्रदेश निरीक्षक जन शिक्षा समिति गोरक्ष प्रान्त एवं प्रान्तीय पदाधिकारी सुमन्त कुमार पाण्डेय तथा विद्यालय के प्रधानाचार्य इन्द्रजीत त्रिपाठी, विभिन्न विद्यालयों से आए आचार्य शामिल हुए।

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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र