ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज में 12 दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स का हुआ शुभारम्भ
प्रयागराज, 19 जनवरी (हि.स.)। मालवीय मिशन शिक्षण प्रशिक्षण केंद्र ईश्वर शरण पीजी कॉलेज प्रयागराज द्वारा यूजीसी एवं शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत 12 दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स की शुरुआत सोमवार को हुई। जिसका विषय ‘‘फ्यूचर रेडी फैकल्टी इंटीग्रेटिंग रिसर्च मेथडोलॉजी एंड इनोवेटिव टीचिंग एंड असेसमेंट टेक्नीक्स’’ है।
प्रारम्भ में एमएमटीसी के निदेशक एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर आनंद शंकर सिंह ने देश के विभिन्न संस्थाओं से जुड़े हुए प्रतिभागियों को एवं कार्यक्रम का संचालन करने वालों को भी अग्रिम शुभकामनाएं दी। सहायक निदेशक डॉ मनोज कुमार दुबे ने प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि इस केंद्र से यह 16वां कार्यक्रम चल रहा है और यह हमारे गौरव का क्षण है। एफडीसी सेंटर के निर्माण से लेकर उसमें संचालित होने वाले कार्यक्रमों एवं उनकी उपलब्धियों के बारे में प्रतिभागियों के विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि एवं सत्र के मुख्य वक्ता प्रोफेसर पीयूष रंजन अग्रवाल पूर्व प्रोफेसर एमएनआईटी ने अध्यापन के संस्थापक से जुड़े विभिन्न बिंदुओं को लोगों के व्यवहार कम बायोग्राफी में हुए परिवर्तनों, कमान डिजिटल उपकरणों के उपयोग से होने वाले लाभ और कर्मियों तथा इसका विद्यार्थियों के ऊपर पड़ने वाले प्रभाव से जुड़े मौलिक सिद्धांतों पर विस्तार से चर्चा की।
डॉ प्रतीक राज एसोसिएट प्रोफेसर बिजनेस मैनेजमेंट एंड हेल्थ साइंस ग्लोबल बिजनेस स्कूल फॉर हेल्थ यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन द्वारा विभिन्न प्रकार के शोध विद्यार्थियों को बताते हुए मात्रात्मक गुणात्मक और असामान्य एटक्यूरिकल शोधों के बारे में विस्तार से चर्चा की और उसमें भारत चीन अमेरिका आदि विभिन्न संस्कृतियों से जुड़े अनुभवों को साझा करते हुए विशेष रूप से एटक्यूरिकल पौधों के बारे में उनके महत्व आवश्यकता आदि पर विस्तार से चर्चा की।
द्वितीय सत्र के वक्ता डॉ ए पी त्रिपाठी साइंटिस्ट द्वारा रिसर्च वीडियो के समझाने पर विशेष रूप से चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि शोध एक उद्देश्य पूर्ण और वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिसका लक्ष्य सत्य की खोज और सामाजिक समस्याओं का समाधान है। उन्होंने शोध के विभिन्न पे राइस के बारे में जानकारी दी। शोध के मात्रात्मक एवं गुणात्मक मिश्रित प्रकारों पर भी उदाहरण सहित चर्चा की गई।
कार्यक्रम की रूपरेखा और कार्यक्रम में उपस्थित जनों का स्वागत रिफ्रेशर कोर्स के संयोजक डॉ विवेकानंद त्रिपाठी ने तथा धन्यवाद ज्ञापन सह संयोजक डॉ अंजना श्रीवास्तव द्वारा किया गया। उक्त कार्यक्रम में देश के 18 राज्यों से कुल लगभग 200 प्रतिभागी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र

