डिजिटल लाइब्रेरी में पढ़़ने के लिए 30 हजार छात्र-छात्राओं ने कराया पंजीकरण
मुरादाबाद, 01 सितम्बर (हि.स.)। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को डिजिटल लाइब्रेरी में पढ़़ने की सुविधा मिलेगी। इसके लिए अब तक 30 हजार विद्यार्थियों का पंजीकरण हो चुका है। अधिकारियों का कहना है कि 35 हजार विद्यार्थी शेष हैं और पंजीकरण की आखिरी तारीख 20 सितंबर है।
नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया क्लब (एनडीएलआई), गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय की अध्यक्ष व नोडल अधिकारी प्रो. प्रियंशा सिंह ने बताया कि गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय से मुरादाबाद मंडल में 372 कॉलेज संबद्ध हैं। इस सत्र में स्नातक, परास्नातक आदि पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों का नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया क्लब में भी कॉलेज स्तर से पंजीकरण करवाए जा रहे हैं। इसके लिए प्रत्येक कॉलेज पर एनडीएलआई समितियों का गठन किया गया है।
नोडल अधिकारी प्रो. प्रियंशा सिंह का कहना है कि कुलसचिव के माध्यम से नोटिस निकलवाया था कि जैसे-जैसे विद्यार्थियों के दाखिला होते जाएं, एनडीएलआई में पंजीकरण करवाएं। अभी तक दाखिला ले चुके लगभग 65 हजार विद्यार्थियों में से 30 हजार विद्यार्थियों का पंजीकरण हो चुका है। इसमें अशासकीय महाविद्यालयों के विद्यार्थियों का वित्तविहीन कॉलेजों की अपेक्षा ज्यादा पंजीकरण हुआ है।
प्रो. प्रियंशा सिंह का कहना है कि एनडीएलआई प्लेटफॉर्म पर करीब 13 करोड से ज्यादा ऑनलाइन कंटेंट है, जिसमें किताबें, लेक्चर, जर्नल्स, न्यूजपेपर और विषयवार पाठ्यक्रम शामिल है। इस पोर्टल पर पंजीकरण के बाद विद्यार्थी को एक पासवर्ड मिल जाता है। इसके बाद संबंधित छात्र अपनी लॉगिन आईडी से इस प्लेटफॉर्म पर जाकर एक्सिस कर सकता है और अपनी सुविधा के अनुसार पढ़ाई कर सकता है। उन्होंने कहा कि एक टॉपिक पर चार से पांच रिफरेंस किताबें भी होती हैं, जिससे विद्यार्थी को समझने में आसानी होती है।
उन्होंने बताया कि कॉलेजों को 20 सितंबर तक सभी विद्यार्थियों का पंजीकरण कराकर विश्वविद्यालय को सूचित करना है। 15 से 20 सितंबर तक प्रतिदिन अपडेट भी करना होगा। एनडीएलआई क्लब पर विद्यार्थियों को पढ़ाई का तरीका समझाने के लिए विश्वविद्यालय और कॉलेज की वेबसाइट पर वीडियो साझा करेंगे। ऑनलाइन कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। सबसे अच्छी बात है कि यह प्लेटफॉर्म निःशुल्क है।
हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल

