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सांसद एवं अभिनेता रवि किशन शुक्ला गोरखपुर विश्वविद्यालय में बने 'प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस' ,कार्यभार ग्रहण किया

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सांसद एवं अभिनेता रवि किशन शुक्ला गोरखपुर विश्वविद्यालय में बने 'प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस' ,कार्यभार ग्रहण किया


सांसद एवं अभिनेता रवि किशन शुक्ला गोरखपुर विश्वविद्यालय में बने 'प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस' ,कार्यभार ग्रहण किया


गोरखपुर, 18 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत शनिवार को एक नई शैक्षणिक पहल की शुरुआत हुई। विश्वविद्यालय के ललित कला एवं संगीत विभाग में गोरखपुर के सांसद एवं प्रसिद्ध अभिनेता रवि किशन शुक्ला ने 'प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस' के रूप में कार्यभार ग्रहण किया।

अपने पहले ही व्याख्यान में उन्होंने विद्यार्थियों को संघर्ष, आत्मविश्वास और अनुशासन के महत्व से परिचित कराते हुए सफलता का मूल मंत्र दिया।

रवि किशन ने कहा कि मिट्टी के घर से संसद तक का मेरा सफर अटूट आत्मविश्वास, कठिन संघर्ष और निरंतर परिश्रम का परिणाम है। यदि व्यक्ति अपनी क्षमता पर विश्वास रखे और सीखने की ललक कभी न छोड़े, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।

उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों से घबराने के बजाय उनका साहसपूर्वक सामना करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि गोरखपुर के युवाओं में अपार प्रतिभा है और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए वे हरसंभव सहयोग करेंगे।

इस अवसर पर विभागाध्यक्ष एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अनुभूति दुबे ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना चुके कलाकार का विश्वविद्यालय से जुड़ना विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है। उनके अनुभव छात्रों के व्यक्तित्व विकास, रचनात्मक सोच और व्यावसायिक कौशल को नई दिशा देंगे।

व्याख्यान के उपरांत आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने अभिनय, कला, करियर, संघर्ष और सफलता से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे, जिनका रवि किशन ने अपने अनुभवों के आधार पर विस्तार से उत्तर दिया। उनके प्रेरक विचारों और सहज संवाद शैली ने विद्यार्थियों को विशेष रूप से प्रभावित किया।

कार्यक्रम में प्रो. उषा सिंह, डॉ. गौरी शंकर चौहान, डॉ. प्रदीप साहनी, डॉ. प्रदीप राजोरिया सहित विभाग के शिक्षक, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित यह प्रेरक व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए सीख, प्रेरणा और नए दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय