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धैर्य, संयम और कर्तव्य पालन की सीख देते हैं भगवान श्री राम के आदर्श : जिलाधिकारी

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धैर्य, संयम और कर्तव्य पालन की सीख देते हैं भगवान श्री राम के आदर्श : जिलाधिकारी


कानपुर, 27 मार्च (हि.स.)। राम नवमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों को आत्मसात करने का अवसर है। भगवान श्री राम का जीवन मर्यादा, सत्य, कर्तव्यनिष्ठा और आदर्शों का प्रतीक है, जो हमें हर परिस्थिति में धैर्य, संयम और कर्तव्य पालन की सीख देता है। यह बातें शुक्रवार को जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कहीं।

राम नवमी के पावन अवसर पर जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने सरसैया घाट स्थित राम जानकी मंदिर पहुंचकर भगवान श्री राम के श्री विग्रह का विधि-विधान से जलाभिषेक किया और जनपदवासियों के सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश व जनपद की उन्नति, समृद्धि और कल्याण के लिए भी प्रार्थना की।

जिलाधिकारी ने समस्त जनपदवासियों को राम नवमी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस पावन अवसर पर सभी को आपसी प्रेम, भाईचारा और सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लेना चाहिए, जिससे समाज में शांति और सौहार्द कायम रह सके। उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम के आदर्शों को अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही और पूरे वातावरण में भक्ति एवं आस्था का माहौल बना रहा। प्रशासन की ओर से सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं को लेकर पर्याप्त इंतजाम किए गए थे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप