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दिल्ली में सजी फिल्मी सितारों की रामलीला, पहली बार बाल कलाकारों ने किया संपूर्ण रामायण का मंचन

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दिल्ली में सजी फिल्मी सितारों की रामलीला, पहली बार बाल कलाकारों ने किया संपूर्ण रामायण का मंचन


-120 फीट की एलईडी स्क्रीन पर जीवंत हुई रामकथा, 40 भाषाओं में प्रसारण से 60 देशों तक पहुंचेगा प्रभु श्रीराम का संदेश

-19 अक्टूबर को सांसद रवि किशन निभाएंगे श्रीराम की भूमिका, अभिनेता अरुण बख्शी बनेंगे रावण

अयोध्या, 10 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय संस्कृति और रामायण की शिक्षाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से शुरू हुई फिल्मी सितारों की रामलीला के आठवें संस्करण का शनिवार को दिल्ली के रफी मार्ग स्थित मावलंकर हॉल में शुभारंभ हुआ। इस आयोजन में परंपरा और आधुनिक तकनीक का संगम देखने को मिला। इस बार पहली बार बाल कलाकारों ने संपूर्ण रामायण का मंचन किया। तीन से 17 वर्ष तक के बच्चों ने अपने अभिनय से रामकथा के प्रमुख प्रसंगों को मंच पर जीवंत किया। वहीं, 120 फीट की विशाल एलईडी स्क्रीन और आधुनिक मंच सज्जा ने प्रस्तुति को आकर्षक स्वरूप दिया।

पहली बार बाल कलाकारों ने किया संपूर्ण रामायण का मंचन

रामलीला के इस संस्करण में पहली बार बच्चों को संपूर्ण रामायण के मंचन का अवसर मिला। तीन से 17 वर्ष तक के बाल कलाकारों ने श्रीराम जन्म से लेकर उनके राज्याभिषेक तक के विभिन्न प्रसंगों को संवाद और अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति ने सभागार में मौजूद दर्शकों का ध्यान खींचा और खूब तालियां बटोरीं।मंचन में श्रीराम जन्म, विश्वामित्र आगमन, ताड़का वध, अहिल्या उद्धार, जनकपुर आगमन, सीता स्वयंवर एवं विवाह, राम वनवास, भरत मिलाप, चित्रकूट प्रसंग, शूर्पणखा प्रसंग, सीता हरण, किष्किंधा कांड, हनुमान मिलन, लंका दहन, रामसेतु निर्माण, रावण वध, अयोध्या वापसी और श्रीराम के राज्याभिषेक जैसे प्रसंग शामिल रहे।रामलीला के फाउंडर अध्यक्ष सुभाष मलिक, महासचिव शुभम मलिक और सीनियर वाइस प्रेसिडेंट जतिन मलिक ने संयुक्त रूप से बताया कि आयोजन में पहली बार बच्चों को अभिनय का अवसर दिया गया। उनके मुताबिक, हीरा पब्लिक स्कूल, एचएसवी ग्लोबल, पार्थ इंटरनेशनल, एचएसवी इंटरनेशनल और मिसरी देवी ज्ञान निकेतन स्कूल के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस पहल के माध्यम से नई पीढ़ी को रामायण की शिक्षाओं, भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच देने का प्रयास

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से शुरू हुई इस रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। लोकप्रिय कलाकारों की भागीदारी और आधुनिक प्रसारण माध्यमों के जरिए आयोजन को देश-विदेश के दर्शकों से जोड़ने की तैयारी है।आयोजकों के अनुसार, पिछले सात संस्करणों को मिली सफलता के बाद आठवें संस्करण को और भव्य बनाने की तैयारी की गई है। इस बार आकर्षक मंच सज्जा और आधुनिक तकनीकी संसाधनों के जरिए रामायण के प्रमुख प्रसंगों को प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य मनोरंजन के साथ भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े मर्यादा, त्याग, सत्य और कर्तव्य जैसे मूल्यों का प्रसार करना भी है।

63 फिल्मी कलाकारों से सजेगी दिल्ली की रामलीला, 10 से 20 अक्टूबर तक होगा आयोजन

विश्व की सबसे बड़ी रामलीला के रूप में चर्चित अयोध्या की रामलीला का आयोजन 10 से 20 अक्टूबर 2026 तक दिल्ली में किया जाएगा। इसमें मनोज तिवारी, रवि किशन, रजा मुराद, बिंदु दारा सिंह, मालिनी अवस्थी और मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 काजिया लिज मेजो समेत 63 फिल्मी कलाकार विभिन्न किरदारों में नजर आएंगे। मेले का आयोजन दोपहर 12 बजे से रात 11 बजे तक होगा, जबकि रामलीला का मंचन शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक किया जाएगा।

19 अक्टूबर को सांसद रवि किशन निभाएंगे श्रीराम की भूमिका

रामलीला में फिल्म और मनोरंजन जगत की कई जानी-मानी हस्तियां प्रमुख पात्रों के रूप में नजर आएंगी। आयोजकों के मुताबिक, 19 अक्टूबर को सांसद रवि किशन भगवान श्रीराम की भूमिका निभाएंगे, जबकि अभिनेता अरुण बख्शी रावण का किरदार अदा करेंगे। दोनों कलाकारों की सहभागिता कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगी। संवाद, अभिनय और मंचीय प्रभावों के जरिए रामायण के प्रसंगों को नए अंदाज में प्रस्तुत करने की तैयारी है, जिससे विभिन्न आयु वर्ग के दर्शक भारतीय परंपराओं से जुड़ सकें।

40 भाषाओं में प्रसारण, 60 देशों तक पहुंचेगा रामकथा का संदेश

आयोजकों के मुताबिक, रामलीला का प्रसारण 80 से अधिक उपग्रह चैनलों के माध्यम से 40 भाषाओं में किया जाएगा। इसके जरिए भगवान श्रीराम के आदर्शों और रामभक्ति का संदेश 60 देशों तक पहुंचाने की योजना है। इस बहुभाषी प्रसारण से विदेशों में रहने वाले भारतीयों सहित विभिन्न देशों के दर्शकों को अपनी भाषा में रामलीला देखने का अवसर मिलेगा। इसके माध्यम से भारतीय आध्यात्मिक विरासत और रामायण की शिक्षाओं को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

परंपरा और आधुनिक तकनीक का संगम

रामलीला के आठवें संस्करण में 120 फीट की विशाल एलईडी स्क्रीन, आकर्षक मंच सज्जा और कलाकारों के अभिनय के जरिए रामायण के प्रसंगों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। पारंपरिक कथा शैली के साथ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल आयोजन को खास बना रहा है। बाल कलाकारों की भागीदारी, लोकप्रिय फिल्मी कलाकारों की भूमिकाएं और बहुभाषी प्रसारण इस संस्करण की प्रमुख विशेषताएं हैं। आयोजन के जरिए रामायण की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने और प्रभु श्रीराम के आदर्शों को देश-दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय