स्नेह, समरसता और राष्ट्रबोध की भावना को मजबूत करने का अवसर है रक्षाबंधन : सह सरकार्यवाह
गोरखपुर, 29 अगस्त (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, गोरखपुर महानगर दक्षिण भाग की ओर से शनिवार को तारामंडल स्थित योगीराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में रक्षाबंधन उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के स्नेह का पर्व नहीं, बल्कि स्नेह, समर्पण, सामाजिक समरसता और राष्ट्रबोध की भावना को मजबूत करने का अवसर है। यह पर्व राष्ट्र की रक्षा और समाज के प्रति अपने दायित्वों का स्मरण कराता है।
उन्होंने कहा कि सामान्य दिखाई देने वाला एक धागा जब मंत्रों से अभिमंत्रित होता है और उसमें स्नेह, श्रद्धा व समर्पण की भावना जुड़ती है तो वह अत्यंत प्रभावशाली और परिणामकारी बन जाता है। रक्षाबंधन का पर्व हमें राष्ट्र और समाज की रक्षा के लिए संकल्पित होने की प्रेरणा देता है। हमें केवल संकल्प लेने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि राष्ट्रहित के लिए अपने जीवन में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का प्रत्येक स्वयंसेवक हिंदू धर्म, हिंदू संस्कृति और हिंदू समाज के संरक्षण के साथ राष्ट्र की सर्वांगीण उन्नति के संकल्प को लेकर कार्य करता है। इसी ध्येय के साथ संघ का स्वयंसेवक पिछले सौ वर्षों से समाज जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर कार्यरत है।
उन्होंने कहा कि परम पवित्र भगवा ध्वज हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। इसका निर्माण किसी एक संगठन ने नहीं किया, बल्कि हजारों वर्षों से यह भारत की संस्कृति, जीवन मूल्यों, परंपराओं और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र रहा है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की कविता “गगन में लहराता है भगवा हमारा” का स्मरण करते हुए भगवा ध्वज के सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला।
रामदत्त चक्रधर ने “धर्मो रक्षति रक्षितः” का उल्लेख करते हुए कहा कि जब हम धर्म की रक्षा करते हैं तो धर्म हमारी रक्षा करता है। जो व्यक्ति अपने धर्म और संस्कृति की रक्षा नहीं कर सकता, वह स्वयं की रक्षा भी नहीं कर सकता। धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए उन्हें मानने और उनके प्रति श्रद्धा रखने वाला समाज भी शक्तिशाली होना चाहिए। समाज तभी सशक्त बनेगा जब उसकी सबसे कमजोर कड़ी को मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन सामाजिक समरसता का भी संदेश देता है। किसी परिवार में सभी प्रकार की सुविधाएं हों, बड़ा मकान, वाहन और सुख-सुविधाएं हों, लेकिन यदि परिवार का एक सदस्य भी पीड़ित है तो पूरे परिवार का सुख-चैन प्रभावित हो जाता है। हमारा सुख केवल व्यक्तिगत नहीं हो सकता, बल्कि वह परिवार और समाज के सुख से जुड़ा होता है।
राष्ट्र के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास व्यक्तिगत रूप से सभी सुविधाएं हों, लेकिन राष्ट्र संकट में हो तो वास्तविक सुख संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी श्रृंखला की मजबूती उसकी सबसे कमजोर कड़ी पर निर्भर करती है। इसलिए समाज की सबसे कमजोर कड़ी को मजबूत करना आवश्यक है। जब समाज की प्रत्येक कड़ी मजबूत होगी, तभी संपूर्ण समाज शक्तिशाली और संगठित बनेगा।
दीप प्रज्ज्वलन और ध्वजारोहण के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर, कार्यक्रम अध्यक्ष एवं कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा, प्रांत संघचालक डॉ. महेंद्र अग्रवाल तथा भाग संघचालक ओम जालान ने दीप प्रज्ज्वलन एवं भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन कर किया।
इसके पश्चात ध्वजारोहण किया गया। अतिथियों एवं उपस्थित जनों ने परम पवित्र भगवा ध्वज को रक्षा सूत्र बांधकर धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा का संकल्प लिया। इस अवसर पर वातावरण राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना से ओतप्रोत रहा।
त्याग, बलिदान और परस्पर रक्षा का पर्व है रक्षाबंधन: प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा ने राजा बलि के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि रक्षाबंधन त्याग, बलिदान और अपनत्व की रक्षा का पर्व है। यह केवल किसी व्यक्ति की शारीरिक रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति, संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों की रक्षा का भी संदेश देता है।
उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन परस्पर सम्मान, परस्पर रक्षा, प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। आज हम सभी ने भगवा ध्वज को रक्षा सूत्र बांधकर मां भारती और सनातन संस्कृति की रक्षा का प्रण लिया है। इस संकल्प को केवल शब्दों तक सीमित न रखते हुए अपने व्यवहार और जीवन में उतारना होगा।
विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए सांस्कृतिक कार्यक्रम
कार्यक्रम में सरस्वती शिशु मंदिर, पक्कीबाग के छात्र-छात्राओं ने मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का संचालन चंद्रमणि ओझा ने किया, जबकि अतिथि परिचय भाग कार्यवाह डॉ. अभिषेक शर्मा ने कराया।
इस अवसर पर प्रांत प्रचारक रमेश, प्रांत प्रचार प्रमुख डॉ. अवधेश, पूर्व कुलपति प्रो. संजीत गुप्ता, प्रो. कीर्ति पाण्डेय, प्रदेश उपाध्यक्ष कामेश्वर सिंह, पूर्व महापौर सत्या पाण्डेय, सह विभाग संघचालक आत्मा सिंह, रामनाथ गुप्ता, जिला प्रचारक मनीष, सायं प्रचारक संजीव, ओम नारायण, पद्माकर, निकेश, पुनीत, अनुराग सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने रक्षाबंधन के सांस्कृतिक, सामाजिक और राष्ट्रीय महत्व पर प्रकाश डालते हुए समाज में समरसता, एकता और परस्पर सहयोग की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

