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बांदा में बारिश का कहर: दीवार गिरने से दो महिलाओं की मौत, मलबे में दबे सांड को रेस्क्यू कर बचाया

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बांदा में बारिश का कहर: दीवार गिरने से दो महिलाओं की मौत, मलबे में दबे सांड को रेस्क्यू कर बचाया


बांदा, 02 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में पिछले एक हफ्ते से लगातार हो रही बारिश अब जानलेवा साबित होने लगी है। बारिश के कारण अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दीवार गिरने की घटनाओं में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि कमासिन क्षेत्र में एक सोसाइटी की छत गिरने से मलबे में दबे सांड को ग्राम प्रधान, ग्रामीणों और पुलिस की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

पहली दर्दनाक घटना बबेरू कोतवाली क्षेत्र के सिमौनी गांव में हुई। यहां निवासी प्यारी (67) पत्नी स्वर्गीय रामरतन बुधवार की रात करीब तीन बजे अपने छप्पर में थी। इसी दौरान पड़ोसी की दीवार तेज बारिश के चलते भरभराकर छप्पर पर गिर गई। महिला मलबे में दब गई। परिजनों ने किसी तरह उसे बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतका के दामाद रामधनी ने बताया कि प्यारी के तीन बेटियां और चार बेटे हैं। परिवार के पास करीब तीन बीघे खेती है।

वहीं दूसरी घटना मरका थाना क्षेत्र के बैरफ गांव के कन्हैया के डेरा में हुई। यहां महदेईया (60) पत्नी रामखेलावन रात करीब एक बजे घर में सो रही थीं। इसी दौरान तेज बारिश के कारण कच्ची मिट्टी की दीवार अचानक भरभराकर उनके ऊपर गिर गई। हादसे के बाद परिजनों ने उन्हें मलबे से बाहर निकाला और सीएचसी पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने देखते ही मृत घोषित कर दिया।

मृतका के मझले बेटे बलवीर ने बताया कि महदेईया के तीन बेटियां और दो बेटे हैं। परिवार मजदूरी कर अपना जीवन यापन करता था। संबंध में क्षेत्राधिकारी कृष्णकांत त्रिपाठी ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया

इधर, कमासिन थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत नरायनपुर में बुधवार को एक सोसाइटी की छत अचानक गिर गई। छत के मलबे में एक सांड दब गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

घटना की जानकारी मिलते ही ग्राम प्रधान सुनील यादव मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने सांड को बचाने के लिए प्रयास शुरू किए और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई। भारी मलबे के कारण रेस्क्यू अभियान में काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन आखिरकार पुलिस, ग्राम प्रधान और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से सांड को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह