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गऊघाट क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, लगभग 100 करोड़ रुपये मूल्य की रेलवे भूमि मुक्त

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गऊघाट क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, लगभग 100 करोड़ रुपये मूल्य की रेलवे भूमि मुक्त


गऊघाट क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, लगभग 100 करोड़ रुपये मूल्य की रेलवे भूमि मुक्त


प्रयागराज, 02 मई (हि.स)। मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल के नेतृत्व में रेलवे प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान के अंतर्गत शनिवार को प्रयागराज जंक्शन परिक्षेत्र के गऊघाट क्षेत्र में रेलवे की अनधिकृत रूप से कब्जाई गई भूमि को सफलतापूर्वक खाली कराया गया।

इस महत्वपूर्ण अभियान को अपर मंडल रेल प्रबंधक (सामान्य) दीपक कुमार के समन्वय में जिला प्रशासन के सहयोग से प्रभावी तरीके से सम्पन्न कराया गया। संयुक्त कार्रवाई के अंतर्गत रेलवे, रेलवे सुरक्षा बल एवं सिविल प्रशासन की टीमों ने मौके पर उपस्थित रहकर कार्यवाही को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से अंजाम दिया।

जनसम्पर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान लगभग 6500 वर्ग मीटर रेलवे भूमि, जिस पर अवैध रूप से कब्जा किया गया था, को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। उक्त भूमि का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 100 करोड़ रुपये आंका गया है। यह कार्रवाई रेलवे सम्पत्तियों की सुरक्षा एवं उनके समुचित उपयोग को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने बताया कि इस अभियान में मंडल इंजीनियर वी.के. त्रिपाठी, सहायक मंडल इंजीनियर प्रवीन कुमार श्रीवास्तव एवं रामचंद्र सिंह, वरिष्ठ अनुभाग अभियंता शशिकांत तिवारी, सत्य प्रकाश सहित रेलवे इंजीनियरिंग विभाग के लगभग 20 कर्मचारी सक्रिय रूप से शामिल रहे। रेलवे सुरक्षा बल की ओर से सहायक सुरक्षा आयुक्त सुरेश यादव एवं प्रभारी निरीक्षक अमित मीणा अपने स्टाफ (लगभग 24 कर्मियों) सहित उपस्थित रहे।

जिला प्रशासन एवं सिविल पुलिस की ओर से सहायक पुलिस आयुक्त (अतरसुइया) निकिता श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार राजेश कुमार यादव सहित विभिन्न थानों कीडगंज, अतरसुइया, कोतवाली, धूमनगंज एवं खुल्दाबाद के प्रभारी निरीक्षक एवं लगभग 60 पुलिसकर्मियों की उपस्थिति में अभियान को सम्पन्न कराया गया।

पीआरओ ने बताया कि रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रेलवे भूमि पर किसी भी प्रकार का अनधिकृत कब्जा पूर्णतः अवैध है तथा ऐसे मामलों में भविष्य में भी कठोर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण न करें एवं ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना सम्बंधित अधिकारियों को दें।

हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र