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क्वांटम सिद्धांतों की रोमांचक यात्रा से विद्यार्थियों में जगी शोध की ललक : प्रो. हरबोला

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क्वांटम सिद्धांतों की रोमांचक यात्रा से विद्यार्थियों में जगी शोध की ललक : प्रो. हरबोला


कानपुर, 28 फरवरी (हि.स.)। क्वांटम भौतिकी केवल किताबों और सूत्रों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के सूक्ष्म रहस्यों को समझने का आधार है। यदि विद्यार्थी इस क्षेत्र में गहराई से अध्ययन व शोध करें तो विज्ञान और तकनीक की दुनिया में नई क्रांति संभव है। यह बातें शनिवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के स्कूल ऑफ बेसिक साइंसेज़ में आयोजित नेशनल साइंस डे कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि आईआईटी कानपुर के भौतिकी विभाग के प्रोफेसर डॉ. मनोज कुमार हरबोला ने कही।

नोबेल पुरस्कार विजेता सर सीवी रमन द्वारा खोजे गए ऐतिहासिक रमन प्रभाव की स्मृति में स्कूल ऑफ बेसिक साइंसेज़ द्वारा नेशनल साइंस डे का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के संरक्षण एवं निदेशक प्रो. आरके द्विवेदी के मार्गदर्शन में हुआ। कार्यक्रम का शुभारम्भ उपनिदेशक डॉ. अंजु दीक्षित के स्वागत भाषण से हुआ। भौतिकी विभाग, एसबीएस के डॉ. प्रबल कुमार ने मुख्य अतिथि का परिचय कराया, जबकि औपचारिक परिचय आईआईटी कानपुर के गणित विभाग के डॉ. अमित कुबर द्वारा किया गया।

प्रो. हरबोला ने ए जर्नी थ्रू क्वांटम प्रिंसिपल्स विषय पर व्याख्यान देते हुए लाइव डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से जटिल सिद्धांतों को रोचक ढंग से समझाया। उन्होंने बताया कि परमाणु एवं अणुओं की क्वांटीकरण प्रकृति ही रंग, आकार और ऊर्जा में होने वाले परिवर्तनों को नियंत्रित करती है। प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और शोध से जुड़े सवाल पूछे।

कार्यक्रम के अंत में भौतिकी विभाग की समन्वयक डॉ. शिखा शुक्ला ने धन्यवाद ज्ञापन किया। मुख्य अतिथि को उपनिदेशक डॉ. अंजु दीक्षित द्वारा स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्कूल ऑफ बेसिक साइंसेज़ के समस्त संकाय सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप