दलहन प्रोटीन का स्रोत और प्रतिकूल मौसम में मजबूत फसल : कुलपति
कानपुर, 22 अगस्त (हि.स.)। दलहन प्रोटीन का महत्वपूर्ण स्रोत है और सूखा, गर्मी और सर्दी जैसे पर्यावरणीय तनावों के प्रति उल्लेखनीय रूप से प्रतिरोधी हैं। ऐसे में दलहन कृषि परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण फसल बन गई है। यह बातें शनिवार को चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी (सीएसए) विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर संजीव गुप्ता ने कहीं।
उन्होंने बताया कि सीएसए एवं भारतीय दल अनुसंधान संस्थान कानपुर के संयुक्त तत्वाधान में दो दिवसीय (29 एवं 30 अगस्त) को रबी दलहनी फसलों पर अखिल भारतीय 31वीं वार्षिक समूह बैठक का आयोजन किया जाएगा। दलहनी फसलें कम ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जित करती हैं तथा कार्बन को अवशोषित करने का काम करती हैं और मृदा स्वास्थ्य बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं जो दलहन को जलवायु के अनुकूल और देश के लिए रणनीतिक रूप से आवश्यक फसल बनती है।
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉक्टर खलील खान ने बताया कि इस सम्मेलन में देश विख्यात प्राप्त 100 से अधिक दलहनी फसलों के शोध वैज्ञानिक प्रतिभाग करेंगे, जो दलहन सुधार कार्यक्रमों में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए कृषि अनुसंधान में आधुनिक उपकरणों तथा विशिष्ट उत्पाद विकसित करने के महत्व आदि को रेखांकित करेंगे।
कुलपति डॉ गुप्ता ने कहा कि इस वार्षिक बैठक का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय प्रणाली में मूल्य संवर्धन करना और दलहन सुधार कार्यक्रमों को गति देना है तथा देश को दलहन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हेतु राष्ट्रीय दिशा से जुड़ कर रणनीति तैयार करना है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

