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सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु की जन भवन में नैक तैयारी से संबंधित हुई समीक्षा बैठक

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सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु की जन भवन में नैक तैयारी से संबंधित हुई समीक्षा बैठक


लखनऊ, 12 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से मंगलवार को जन भवन में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर की नैक (राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद) मूल्यांकन की तैयारी के संबंध में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में विश्वविद्यालय द्वारा नैक के विभिन्न मापदण्डों एवं प्रत्येक एट्रीब्यूट के अंतर्गत मैट्रिक्सवार की गई तैयारियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। प्रस्तुतीकरण में विश्वविद्यालय परिसर में उपलब्ध विभिन्न शैक्षणिक, सहशैक्षणिक एवं प्रशासनिक सुविधाओं के साथ-साथ संचालित अन्य गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत किया गया।

विशेष कार्याधिकारी, राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की नैक तैयारियों की गहन समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रस्तुतीकरण में सभी आवश्यक बिंदुओं को साक्ष्य एवं प्रामाणिक दस्तावेजों सहित सुव्यवस्थित रूप में सम्मिलित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गतिविधि से संबंधित जियो टैग फोटोग्राफ्स उचित कैप्शन सहित प्रदर्शित किए जाएं।

उन्होंने निर्देशित किया कि विश्वविद्यालय में वोकेशनल कोर्सेज संचालित किए जाएं तथा ऐसे कोर्सेज भी, जो विशेष रूप से छात्राओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान करते हों, उन्हें भी प्रस्तुतीकरण में शामिल किया जाए, साथ ही ऐसे पाठ्यक्रमों के प्रमाणपत्र, रोजगार सृजन एवं विद्यार्थियों को प्राप्त लाभ का विवरण भी प्रदर्शित किया जाए।

बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि पोटेंशियल इम्प्लॉयर, अभिभावकों एवं संबद्ध महाविद्यालयों से प्राप्त फीडबैक को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुतीकरण में सम्मिलित किया जाए। ऑनलाइन कक्षाओं से लाभान्वित विद्यार्थियों की संख्या एवं उनसे संबंधित विवरण भी शामिल किए जाएं।

विशेष कार्याधिकारी, राज्यपाल ने कहा कि सीनियर विद्यार्थियों द्वारा जूनियर विद्यार्थियों को अध्ययन सहयोग, प्रॉब्लम सॉल्विंग सेशन, स्लो लर्नर्स हेतु विशेष कक्षाएं एवं उनके समयबद्ध कार्यक्रम को भी नैक प्रस्तुतीकरण में शामिल किया जाए। साथ ही सेल्फ असेसमेंट, पीयर असेसमेंट एवं वोकेशनल असेसमेंट से संबंधित गतिविधियों को भी प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने विश्वविद्यालय में कार्यरत काउंसलर्स एवं मेंटर्स की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों के समग्र विकास हेतु प्रभावी मेंटरिंग व्यवस्था विकसित की जाए। प्रस्तुतीकरण में छोटी-छोटी कमियों एवं त्रुटियों को दूर करने के भी निर्देश दिए गए।

बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि विश्वविद्यालय द्वारा नेपाल, भूटान एवं अन्य पड़ोसी देशों के शिक्षण संस्थानों के साथ खेल प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम, सेमिनार एवं एमओयू जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए चाहिए तथा उन्हें अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों के अंतर्गत प्रस्तुतीकरण में सम्मिलित किया जाए।

उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा संचालित सामाजिक गतिविधियों की एक्टिविटी-वाइज रिपोर्ट, प्रशिक्षण कार्यक्रमों की रिपोर्ट, उच्च शिक्षा में प्रवेश प्राप्त विद्यार्थियों का विवरण तथा पुरा छात्र संबंधी जानकारी को भी प्रस्तुतीकरण में समाहित करने के निर्देश दिए।

डॉ० सुधीर महादेव बोबडे ने विश्वविद्यालय परिसर में मियावाकी वन विकसित करने पर बल देते हुए कहा कि जन भवन में राज्यपाल जी की प्रेरणा से स्थापित मियावाकी वन अत्यंत तीव्र गति से विकसित हो रहा है तथा यहां पक्षियों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. जितेन्‍द्र पाण्डेय