पीयू में “डिजिटल परिदृश्य में बौद्धिक सम्पदा अधिकार” पर कार्यशाला 26 को
जौनपुर, 25 फरवरी (हि.स.)। यूपी के जौनपुर स्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में बौद्धिक सम्पदा अधिकार (आईपीआर) प्रकोष्ठ द्वारा 26 फरवरी को 11 बजे से आर्यभट्ट सभागार में “डिजिटल परिदृश्य में बौद्धिक सम्पदा अधिकार : उभरती प्रवृत्तियाँ और चुनौतियां” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य डिजिटल युग में बौद्धिक सम्पदा अधिकारों की बदलती प्रवृत्तियों, समकालीन चुनौतियों तथा संभावनाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श करना है।
कार्यशाला के संयोजक एवं नोडल अधिकारी, बौद्धिक सम्पदा अधिकार प्रकोष्ठ के प्रो. रवि प्रकाश हैं। इस अवसर पर देश के प्रतिष्ठित विधि एवं पेटेंट विशेषज्ञ अपने विचार व्यक्त करेंगे। कार्यशाला में मुख्य वक्ताओं उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता अशोक सहगल (नई दिल्ली), भारतीय पेटेंट कार्यालय, नई दिल्ली के सहायक नियंत्रक (पेटेंट एवं डिज़ाइन) आलोक मिश्रा, के.एन.आई.टी., सुल्तानपुर के एसोसिएट प्रोफेसर प्रो. प्रदीप कुमार, टी.डी. लॉ कॉलेज, जौनपुर के डॉ. यशवंत सिंह तथा इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विधि संकाय के डॉ. अभिषेक कुमार शामिल होंगे। ये सभी विशेषज्ञ डिजिटल मंचों पर कॉपीराइट, पेटेंट, ट्रेडमार्क, डेटा संरक्षण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्टार्टअप एवं नवाचार संरक्षण जैसे विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे।
कार्यशाला के माध्यम से शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को बौद्धिक सम्पदा अधिकारों के व्यावहारिक पहलुओं, पेटेंट आवेदन की प्रक्रिया, नवाचारों के संरक्षण तथा डिजिटल युग में उत्पन्न कानूनी चुनौतियों की जानकारी प्रदान की जाएगी। बैठक में प्रोफेसर रवि प्रकाश, प्रोफेसर प्रदीप कुमार डॉ रसिकेश, डॉ सुनील कुमार, डॉ मंगला प्रसाद यादव,डॉ नृपेँद्र सिंह, डॉ सुधीर सिंह, शैलेश प्रजापति, डॉ प्रवीण कुमार सिंह, पूनम सोनकर, ज्योति सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।.
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव

