शोध और नवाचार को संस्थागत प्राथमिकता देना समय की आवश्यकता : प्रो. विनय कुमार पाठक
कानपुर, 21 अप्रैल (हि.स.)। विश्वविद्यालय में शोध को केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं बल्कि नवाचार और गुणवत्ता का माध्यम बनाया जा रहा है। शिक्षकों और शोधकर्ताओं को बेहतर प्लेटफॉर्म देकर उनकी क्षमताओं को आगे बढ़ाना जरूरी है। एआई आधारित परियोजनाओं के माध्यम से शोध को नई दिशा मिलेगी। इंसेंटिव पॉलिसी से गुणवत्तापूर्ण प्रकाशनों को प्रोत्साहन मिलेगा। यह प्रयास अकादमिक उत्कृष्टता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। मंगलवार को यह बातें प्रो. विनय कुमार पाठक ने कही।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ द्वारा “रिसर्च एक्सीलेंस फेलिसिटेशन” एवं “रिसर्च बुलेटिन, वॉल्यूम-2, इश्यू-1” का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम विश्वविद्यालय के अकादमिक हॉल में आयोजित हुआ, जिसमें कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की उपस्थिति प्रमुख रही।
इस अवसर पर शिक्षकों एवं शोधकर्ताओं को उनकी शोध उपलब्धियों के लिए प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रिसर्च बुलेटिन का विमोचन रहा, जिसमें जनवरी से मार्च 2026 तक की शोध गतिविधियों और उपलब्धियों का संकलन प्रस्तुत किया गया।
बुलेटिन में शोध प्रकाशनों में वृद्धि, पीएचडी शोधार्थियों की प्रगति, थीसिस सबमिशन, शोध परियोजनाओं की स्थिति तथा स्कोपस-इंडेक्स्ड और अंतर्विषयी शोध में विश्वविद्यालय के योगदान को प्रमुखता से दर्शाया गया है। यह विश्वविद्यालय की शोध संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया।
कार्यक्रम में रिसर्च बुलेटिन वेबसाइट का भी शुभारंभ किया गया, जिससे शोधकर्ता अपने स्कोपस आईडी के माध्यम से प्रमाण-पत्र एवं बुलेटिन प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही, अगले अंक के 16 जुलाई को जारी होने की जानकारी दी गई।
प्रति कुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी ने आयोजन की सराहना करते हुए अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ की टीम को बधाई दी। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न पदाधिकारी एवं संकाय सदस्य उपस्थित रहे। अंत में डॉ. श्वेता वर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

