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प्राथमिक विद्यालय महोलिया में डीएम ने किया औचक निरीक्षण,कार्य संतोष जनक न पाकर जताई नाराजगी

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प्राथमिक विद्यालय महोलिया में डीएम ने किया औचक निरीक्षण,कार्य संतोष जनक न पाकर जताई नाराजगी


फर्रुखाबाद,29 अगस्त (हि .स.)।जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने शनिवार को प्राथमिक विद्यालय महोलिया का औचक निरीक्षण किया।

उन्होंने सबसे पहले विद्यालय में छात्र पंजीकरण, शिक्षकों की उपस्थिति, स्वच्छता व्यवस्था, मध्यान्ह भोजन, विद्यालय अनुशासन एवं शिक्षण कार्यों की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया।

इस दौरान छात्र पंजीकरण, स्वच्छता व्यवस्था, मध्यान्ह भोजन, शिक्षक उपस्थिति तथा विद्यालय अनुशासन की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित शिक्षकों एवं अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि विद्यालयों में शासन की मंशा के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि विद्यालय में सभी शिक्षक निर्धारित समय पर उपस्थित होकर पूर्ण मनोयोग से शिक्षण कार्य सुनिश्चित करें। बच्चों की नियमित उपस्थिति एवं नामांकन पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा शिक्षण कार्य की गुणवत्ता में सुधार लाते हुए बच्चों के शैक्षिक स्तर का नियमित मूल्यांकन किया जाए।

उन्होंने विद्यालय परिसर एवं कक्षाओं में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालय में अनुशासन एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।

जिलाधिकारी ने संबंधित खण्ड शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि विद्यालय की व्यवस्थाओं में तत्काल अपेक्षित सुधार सुनिश्चित कराते हुए नियमित रूप से निरीक्षण एवं अनुश्रवण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में उपलब्ध कराई जा रही शैक्षणिक एवं अन्य सुविधाओं की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक विद्यार्थी की शैक्षिक प्रगति पर नियमित रूप से ध्यान देते हुए कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों का नियमित निरीक्षण कर शिक्षण कार्य की गुणवत्ता एवं छात्र-छात्राओं के शैक्षिक स्तर में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / Chandrapal Singh Sengar