home page

एसआरएन अस्पताल में पहली बार आधुनिक यूबीई तकनीक से रीढ़ की सफल सर्जरी

 | 
एसआरएन अस्पताल में पहली बार आधुनिक यूबीई तकनीक से रीढ़ की सफल सर्जरी


प्रयागराज, 23 जुलाई (हि.स.)। मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से संबद्ध स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल के न्यूरो सर्जरी विभाग ने रीढ़ की हड्डी के इलाज के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल की है। विभाग में पहली बार यूनिलेटरल बायपोर्टल एंडोस्कोपी (UBE) तकनीक से स्लिप डिस्क (लम्बर पीआईवीडी) और स्पाइनल कैनाल स्टेनोसिस के मरीज की सफल एंडोस्कोपिक सर्जरी की गई। इस आधुनिक तकनीक से मरीज को कम दर्द, कम रक्तस्राव और तेजी से स्वस्थ होने का लाभ मिला है। यह जानकारी गुरुवार को एस आर एन अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज गुप्ता ने दी।

उन्होंने बताया कि यूबीई (UBE) रीढ़ की सर्जरी की नवीनतम मिनिमली इनवेसिव तकनीकों में से एक है। इसमें बहुत छोटे चीरे लगाकर एंडोस्कोप की सहायता से ऑपरेशन किया जाता है। इससे मांसपेशियों को कम नुकसान पहुंचता है, संक्रमण का खतरा घटता है और मरीज जल्दी सामान्य जीवन में लौट सकता है।

उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति पूरी तरह संतोषजनक है। मरीज 24 घंटे के भीतर चलने-फिरने लगा और 48 घंटे के अंदर उसे अस्पताल से छुट्टी देने की तैयारी है। उनका कहना है कि भविष्य में यह तकनीक रीढ़ की बीमारियों के इलाज में मरीजों के लिए काफी लाभदायक साबित होगी। यह सफल सर्जरी डॉ. एन. एन. गोपाल और डॉ. पंकज गुप्ता के नेतृत्व में की गई। सर्जिकल टीम में डॉ. यतीश जोशी (एसआर-2), डॉ. अभिलाष पाल (जेआर-2) तथा स्टाफ नर्स सुष्मिता शामिल रहीं। वहीं एनेस्थीसिया टीम में डॉ. अरविंद यादव, डॉ. कीर्ति गुप्ता, डॉ. सौरभ (जेआर-3) और डॉ. सोनम (जेआर-2) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) ए. के. वर्मा ने इस उपलब्धि पर न्यूरोसर्जरी विभाग को बधाई देते हुए कहा कि सरकारी चिकित्सा संस्थानों में आधुनिक चिकित्सा तकनीकों को उपलब्ध कराना कॉलेज की प्राथमिकता है। इससे प्रयागराज और पूर्वांचल के मरीजों को महानगरों जैसी उन्नत एवं न्यूनतम चीरा वाली रीढ़ की सर्जरी की सुविधा अब अपने ही शहर में मिल सकेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल